विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां प्रारंभ हो चुकी है । भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख पार्टियों ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। अन्य पार्टियों भी ताल ठोकर मैदान में उतरने का दावा कर रही हैं । सभी प्रत्याशी अपने समर्थन में गांव-गांव जाकर जनसंपर्क कर लोगों से समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं ।विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को मतदान होना है। चुनाव को लेकर अब केवल एक महीना भी शेष नहीं बचा है ।घोड़ाङोगरी विधानसभा क्षेत्र मैं घोड़ाडोंगरी शाहपुर चिचोली विकासखंड के अलावा बैतूल जिले का भी कुछ हिस्सा मिलकर 365 मतदान केंद्र पर मतदान होगा।इतने बड़े विधानसभा क्षेत्र के इन 365 मतदान केदो पर पहुंचना केवल इन 28 दिनों में प्रत्याशियों के लिए भी संभव होना मुश्किल सा लगता है।
घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र में लगभग ढाई लाख के करीब मतदाता है।घोड़ाडोंगरी विधानसभा के चुनाव परिणाम हमेशा बदलते रहते हैं ।यहां की जनता कभी भाजपा को जीत का ताज पहनाती है तो कभी कांग्रेस को जीत का ताज पहनाती है।वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के ब्रम्हा भलावी रिकार्ड मतों से जीते थे। उसके पहले 2016 के उप चुनाव में भाजपा के मंगल सिंह ने प्रताप सिंह पूर्व मंत्री को हराया था। 2013 में भी भाजपा के सज्जन सिंह जीते थे उनके देहांत के बाद हुए उपचुनाव में भी भाजपा ही विजय रही थी।
विधानसभा क्षेत्र में देखा जाए तो हार जीत का फैसला कुछ हजार वोटो के अंदर होता है। 2 हजार से 20 हजार के बीच हार – जीत का फैसला होता आया है। ऐसी विषम परिस्थितियों के बावजूद प्रत्याशियों के लगातार चुनावी दौरे के बाद भी जनता मौन है ।क्षेत्र में चुनावी हलचल खेती की कटाई ,आने वाले फसल की बोवनी की तैयारी और नवरात्रि पर्व के कारण जनता चुनावी चर्चाओं को लेकर मौन है ।गांव की चौपाल में लोगों की बातों में खेती और नवरात्रि पर्व, दिवाली की साफ सफाई ,त्यौहार की तैयारी मुद्दा है। ऐसा लग रहा है जैसे आम जनता चुनाव को लेकर कोई बात करने के मूड में ही नहीं है।
आम जनता मौन है और प्रत्याशियों के लगातार दौरे भी चुनावी माहौल नहीं बना पा रहे है। पार्टी पदाधिकारी के भी होश उड़े हुए हैं। आपसी चर्चाओं में लोग कह रहे हैं की चुनावी माहौल ही समझ में नहीं आ रहा। रात दिन प्रत्याशियों के दौरे के बावजूद जनता मौन है और चुनावी माहौल शांत है।







