दिव्यांगो की कलाई पर सजी दिव्यता की राखी

▫️ब्रह्माकुमारी बहनों ने दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में मनाया रक्षाबंधन
▫️सभी को बताया राखी का दिव्य अर्थ
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ब्रह्माकुमारीज के स्थानीय सेवा केंद्र द्वारा जय नारायण दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में दिव्यांग जनों को राखी बांधकर इस पावन पर्व की शुरुआत की गई। सभी को राखी का दिव्य अर्थ समझाते हुए ब्रह्मकुमारी बहनों ने दिव्यांग जनों की कलाई पर ईश्वरीय चिन्ह अंकित दिव्य राखी बांधी तथा सभी को इसकी

दिव्यता से भी अवगत कराया। ब्रह्माकुमारी बहनों ने बताया कि यह राखी पवित्रता और दिव्यगुणों के जीवन में समावेश का प्रतीक है। यह एक स्मृति चिन्ह है जो हमें बार-बार अपने अंदर निहित दिव्यता का स्मरण करता है क्योंकि हम सभी परमात्मा की संतान है और हम सभी के अंदर उसकी दिव्यता निहित है। बस हमें इसे स्मरण रखने की आवश्यकता है। इस कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज के भाग्य विधाता भवन से ब्रह्माकुमारी हेमलता बहन,ब्रह्माकुमारी सविता बहन, ब्रह्माकुमारी आयुषी बहन समेत जयनारायण दिव्यांग पुनर्वास

केंद्र के प्राचार्य करुणा देशमुख जी और वरिष्ठ शिक्षक दीपक अंबेकर जी उपस्थित थे। सभी शिक्षकों ने ब्रह्मा कुमारीज के दिव्यांग जनों के प्रति इस प्रयास को सराहा तथा आज के दिन अपने जीवन में एक अच्छाई को अपनाने का संकल्प भी लिया वही सभी दिव्यांग जनों के अंदर ब्रह्माकुमारी बहनों के हाथो राखी बांधकर एवं प्रसाद प्राप्त कर हर्ष दिखाई दिया। विदित हो की ब्रह्माकुमारीज इससे पहले भी राज्य स्तरीय दिव्यांग सेवा यात्रा के अंतर्गत इन दिव्यांग जनों के उत्साहवर्धन के लिए बैतूल में अनेक कार्यक्रम कर चुकी है।

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