पूज्य संत निक्कुदाश जी महाराज के आश्रम में हुआ विशाल भंडारा
18 जुलाई से अधिक मास के अवसर पर चल रहे रामचरितमानस महायज्ञ के समापन पर क्षेत्रीय जन समुदाय ने बड़ी संख्या में पहुंचकर संत निक्कुदाश जी महाराज के अखंड धुने की पूजा अर्चना कर सुख शांति हेतु अरदास की इस अवसर पर यज्ञ की पूर्णाहुति में
पूज्य सीताराम जी महाराज उपस्थित रहे। हजारों की संख्या में भक्तों ने भंडारे प्रसादी का लाभ लिया प्रति तीन वर्षो में होने वाले मानस पारायण श्री रामचरितमानस महायज्ञ के महत्व को प्रतिपादित करते हुए संत सीताराम जी ने क्षेत्र में सुख शांति की अरदास की।







