संतोष जैन को मिला *कबीर सम्मान*

मंडीदीप में अखिल भारतीय मेहरा समाज , दिल्ली के प्रादेशिक अधिवेशन के अंतर्गत आयोजित विराट अखिल भारतीय कविसम्मेलन में हमारे सतपुड़ा अंचल के चर्चित ग़ज़लकार संतोष जैन को उनके हिंदी भाषा साहित्य जगत में उल्लेखनीय योगदान एवं उत्कृष्ट सर्जन हेतु गरिमामय कबीर सम्मान से अलंकृत किया गया ।
गरिमापूर्ण वातावरण एवं साहित्यकारों एवं काव्यप्रेमियों की बड़ी संख्या के बीच समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अशोक आज़ाद एवं जी पी मेहरा ,मुख्य अभियंता , लोकनिर्माण विभाग द्वारा उन्हें शाल श्रीफल सम्मान पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किये गए । अपने प्रभावकारी उद्बोधन एवं काव्यपाठ द्वारा संतोष जैन ने सबका दिल जीत लिया ।
इस शेर पर उन्हें विशेष दाद मिली :
भले लगते हैं सुतली में पिरोये आम के पत्ते ,
हम अक्सर द्वार के रंगीन पर्दे भूल जाते हैं ।







