87 वी त्रिमूर्ति शिवजयंती मनाई जाएगी
बैतूल – ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा महाशिवरात्रि का पावन पर्व शिवजयंती के रूप में मनाया जाता है। निराकार परमात्मा शिव जब इस सृष्टि पर अवतरित होते हैं,ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। जिसमें मानव के अंदर के सभी विकार सभी बुराइयां खत्म हो जाती है और यह सृष्टि सतयुगी और मानव देव बन जाता है । परमात्मा शिव के अवतरण दिवस को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। ब्रह्मा कुमारीज अपने आराध्य शिव परमात्मा का जन्म दिवस बड़े ही हर्षोल्लास से मनाते हैं। यहां बैतूल रोड बटामा स्थित भाग्यविधाता भवन में सुबह शिव ध्वज फहराया जाएगा,केक कटिंग होगा शिव ध्वज के नीचे स्व परिवर्तन की कुछ प्रतिज्ञा ली जाएगी ,दीप जलाए जाएंगे भोग इत्यादि लगाकर सुबह 11:00 बजे से एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। यह शोभायात्रा बटामा से शुरू होकर बैतूल बाजार नगर का भ्रमण कर बालाजीपुरम मंदिर में समाप्त होगी। बैतूल सेवा केंद्र संचालिका राजयोगी ब्रह्मा कुमारी मंजू बहन जी ने बताया कि इस शोभायात्रा द्वारा जन-जन को मानव मूल्यों को धारण करने का संदेश एवं व्यसनों को छोड़ने का संकल्प दिलाया जाएगा। बैतूल बाजार नगर के प्रमुख मार्गो से होती हुई यह यात्रा बालाजीपुरम मंदिर में समाप्त होगी। शाम 6:00 बजे से भाग्यविधाता भवन में बहुत सुंदर *नृत्य नाटिका सच्ची शिवरात्रि* का नाटक मंचन होगा और शिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य भी समझाया जाएगा। शिवरात्रि के शुभ अवसर पर संस्था द्वारा त्रिदिवसीय राजयोग शिविर का आयोजन भी निशुल्क रूप से सभी नर नारियों के लिए किया गया है ।शाम 6:00 बजे से 8:00 बजे तक आकर सभी इस मौके का लाभ उठा सकते हैं। अधिक से अधिक संख्या में आकर सभी शिवरात्रि को हर्षोल्लास से मनाने के लिए सादर आमंत्रित है।