जाने : आज क्यो पानी मे तिल डालकर नहाते है,धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व

मकर संक्रांति काफी महत्वपूर्ण त्योहार है. साल का पहला त्योहार होने के साथ ही दान पुण्य और पूजा पाठ का पर्व भी माना जाता है. इस त्योहार में सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है. सूर्य के उत्तरायण या दक्षिणायन के दिन संक्रांति का व्रत करना लाभकारी माना जाता है. मकर संक्रांति के दिन सूर्य देवता को अर्घ्य देने से कुंडली में सूर्य मजबूत रहता है और बिगड़े काम भी आसानी से बनते हैं. इस दिन सूर्य देवता की पूजा करने से विशेष तौर पर धन लाभ का योग बनता है. इस दिन तिल और तिल के तेल से नहाने का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व.
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार
मकर संक्रांति के पर्व पर पानी में तिल या तिल का तेल डालकर नहाने की. मान्यता है कि पानी में तिल या तिल का तेल डालकर नहाने से घर और जीवन का दुर्भाग्य समाप्त होता है और सफलता प्राप्त होती है. इस दिन भगवान को तिल के बने लड्डू का भोग लगाना चाहिए, इससे व्यापार में लाभ मिलता है और पारिवारिक मन-मुटाव भी दूर होते हैं.

वैज्ञानिक महत्व
मकर संक्रांति पर तिल या तिल का तेल पानी में डालकर नहाने का धार्मिक महत्व के साथ-साथ वैज्ञानिक महत्व भी है. तिल का तेल एंटीऑक्‍सीडेंट से भरपूर होता है, इससे स्किन की कोशिकाएं अच्छी रहती हैं. तिल के तेल की तासीर गर्म होती है, इसलिए सर्दियों में तिल के तेल से नहाना बहुत ही फायदेमंद होता है. इससे हमारी बॉडी का ब्लड सर्कुलेशन अच्छा रहता है. जिससे हमारे शरीर को गर्मी मिलती है.तिल का तेल स्किन और बालों के लिए भी काफी फायदेमंद है. इससे कई बीमारियां भी दूर होती हैं. यह कोशिकाओं की संचरना को फ्री रेडिकल्‍स और असंतुलित अणुओं से बचाता है. इसमें एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लामेट्री होता है, जो स्किन के रोमछिद्रों को बंद नहीं होने देता है.

सूर्य देवता की स्तुति का महत्व
मकर संक्रांति वाले दिन सूर्य देव की स्तुति करना लाभकारी माना गया है. कहा जाता है कि इस दिन तीर्थ या पवित्र नदी में स्नान करने से पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है. साथ ही संक्रांति के मौके पर पितरों का ध्यान करना चाहिए और उन्हें तर्पण जरूर देना चाहिए. यह भी कहा जाता है कि अगर घर में कोई व्यक्ति किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है, तो उसके हाथ से तांबे के कलश में सफेद तिल डालकर सूर्य देवता को अर्पित करने से बीमारी दूर होती है. मकर संक्रांति के दिन सूर्य देवता को जल में दूध और तिल मिलाकर अर्पित करने से लाभ प्राप्त होता है और दाम्पत्य जीवन में मधुरता आती है.