इतिहास, कला एवं संस्कृति को जानने के लिए छात्र – छात्राओं ने किया शैक्षणिक भ्रमण

*प्रदेश के पुरातात्विक महत्व के स्थलों पर की दो दिवसीय यात्रा*
*गुरुसाहब स्कूल का 40 सदस्यीय दल पहुँचा साँची, भीम बैठिका एवं भोपाल*
*जितेन्द्र निगम – चिचोली*
*तहसील मुख्यालय पर संचालित सीबीएसई गुरुसाहब पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर डा. वर्षा मालवीय के निर्देशन मे विद्यालय के छात्र छात्राओं एवं शिक्षक शिक्षिकाओं के 40 सदस्यीय दल ने प्रदेश के महत्वपूर्ण स्थानों का शैक्षणिक भ्रमण किया. प्रथम शैक्षणिक भ्रमण अत्यंत ज्ञानवर्धक, रोमांचकारी एवं अविस्मरणीय रहा. छात्र छात्राओं के इस दल ने मंगलवार को सलकनपुर धाम मे मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ऊँचे पर्वत शिखर पर विराजित माँ बिजासन देवी के दर्शन करके यात्रा की शुरुआत की. मंगलवार को ही दल ने ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थल भीम बैठिका के रॉक शेल्टर्स और भोजपुर के शिवालय का भ्रमण किया.*
*शैक्षणिक भ्रमण दल ने बुधवार को विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप एवं इसके आसपास सम्राट अशोक के कार्यकाल की वर्षों पुरानी वास्तु निर्माण की कला का बारीकी से अध्ययन किया. इसके पश्चात भोपाल के सुप्रसिद्ध पीपुल्स मॉल मे दिल्ली का लालकिला, आगरा का ताजमहल, पेरिस का एफिल टावर, मुंबई की ताज होटल , लंदन का स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी, दिल्ली का लोटस टेंपल , रोमन गार्डन एवं अन्य विश्व विख्यात भवनों की प्रतिकृति देखी.*
*भोपाल के राष्ट्रीय वन प्राणी अभ्यारण्य के वन विहार मे वन्य प्राणियों (बाघ, शेर, तेंदुआ, भालू, मगरमच्छ, घड़ियाल, हिरण, बायसन विभिन्न प्रकार के साँप आदि) को उनके प्राकृतिक पर्यावरण मे देखकर अद्भुत रोमांच महसूस किया. रीजनल साइंस सेंटर मे विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित विभिन्न चित्रों एवं प्रदर्शनी का अवलोकन कर विज्ञान के बारे मे रोचक एवं ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त की. इसके अलावा बच्चों को यहां से टेलिस्कोप के माध्यम से चंद्रमा के वास्तविक धरातल को देख कर भी नया अनुभव हुआ. छात्र-छात्राओं के दल ने भोपाल के न्यू मार्केट , बड़ा तालाब , बिरला मंदिर, विधानसभा भवन, सचिवालय, मुख्यमंत्री आवास आदि को भी देखा.*
*शैक्षणिक भ्रमण दल का नेतृत्व कर रही शिक्षिका दिशिका घंगारे एवं भावना बारस्कर ने बताया कि यह यात्रा अविस्मरणीय रही. इस सफल शैक्षणिक भ्रमण के लिए पालकों से विशेष सहयोग प्राप्त हुआ. शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से छात्र – छात्राओं को निकट से इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को जानने का अवसर मिला. दल मे शामिल छात्रा मनस्वी नागले, यशस्वी कुंभारे एवं भूमिका घंगारे ने बताया कि इतिहास , विज्ञान और वास्तु कला से संबंधित जिन चीजों को हमने केवल किताबों में पढ़ा था उनको वास्तविक रूप में देखकर बहुत कुछ सीखने को मिला. रॉक शेल्टर्स में प्राकृतिक रंगों से उभारे गए चित्र जहां एक और आदिमानव की कला एवं संस्कृति का परिचय देते हैं वहीं दूसरी ओर सांची के स्तूप एवं उसके आसपास के क्षेत्र मे रखे हुए शिलालेख तत्कालीन वास्तुकला का अद्भुत नमूना है . छात्रा टीना सिंह गौतम एवं अश्विनी घंगारे ने बताया कि वन विहार में वन्य प्राणियों को प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से विचरण करते हुए देखना एक सुखद अनुभूति रही . इसके अलावा रीजनल साइंस सेंटर में विज्ञान की बहुत सी वास्तविकताओं एवं रहस्यों को प्रायोगिक तरीके से जानने का अवसर मिला .गुरु साहब पब्लिक स्कूल के इस शैक्षणिक भ्रमण दल मे 30 छात्र छात्राओं के साथ शिक्षिका वैशाली देशमुख, आलिया खान , सोनू दवंडे ,यामिनी नागपुरे, यश खरे एवं कृष्णा गुजरे का विशेष मार्गदर्शन रहा*







