सुख सौभाग्य के लिए घर-घर में हो रहा हल्दी कुमकुम कार्यक्रम राठौर परिवार द्वारा तैयार की गई(सुहाग श्रृंगार थाली रही मुख्य आकर्षण का केंद्र)

 

घोड़ाडोंगरी । परिवार की सुख समृद्धि एवं महिलाओं के सौभाग्य के लिए मकर संक्रांति से प्रारंभ होने वाले वाला हल्दी कुमकुम कार्यक्रम महिलाओं द्वारा घर-घर में हल्दी कुमकुम कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है । बुधवार राठौर समाज घोड़ाडोंगरी की वरिष्ठ महिला श्रीमती लक्ष्मी राठौर ,सरिता राठौर, सीमा राठौर, अल्पना राठौर, रिनी राठौर परिवार द्वारा हल्दी कुमकुम का कार्यक्रम आयोजित किया गया ।जहां राठौर समाज की महिलाओं के साथ-साथ अपने मोहल्ले एवं नगर की महिलाओं को अपने घर पर आमंत्रित कर सुहागन महिलाओं को हल्दी कुमकुम लगाकर वान के रूप में कुछ फल ,अनाज एवं सुहाग की सामग्री भेंट की गई, जंहा जिलास्तर पर राठौर समाज मे होने वाली प्रतियोगिता हेतु राठौर परिवार घोड़ाडोंगरी इकाई द्वारा तैयार की गई शगुन थाल(सुहागन,श्रृंगार थाली)का मुख्य आकर्षण रहा जिसने भी देखा तारीफ किए वगैर नही रहा । हल्दी कुमकुम कार्यक्रम में पहुँची
लक्ष्मी राठौर ,विनीता मालवीय
,सुकन्या गावंडे ,शशि महतो,शोभा अग्रवाल प्रीति, मीना,वर्षा राठौर ने बताया कि महिलाएं एक-दूसरे से उखाने पूछती है जिसमें कविता या शायरी के माध्यम से उनके पति का नाम पूछा, बताया जाता है और जब तक नाम नहीं बताते तब तक वान देते समय एक दूसरे का हाथ पकड़ कर रखा जाता है ।
वैसे हमारी भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुसार कोई भी पत्नी सीधे तौर पर अपने पति का नाम नहीं लेती है लेकिन इस हल्दी कुमकुम कार्यक्रम में परंपरा के अनुसार उखानो (दो लाइन की कविता या शायरी) के द्वारा अपने पति का नाम पूछा बताया जाता है । यह कार्यक्रम नगर के सभी समाजों व घर घर आयोजित किया जा रहा है ।

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