हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल बने गुल, एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति को पहुँचाया अस्पताल

सुयश पोपली गुल हमेशा ही ऐसे अनेक कार्य कर सुर्ख़ियों में छाए रहते हैं। उनका उद्देश्य होता है समाज के हित में कुछ बेहतर करना।

 

जब कोई व्यक्ति किसी की मदद करने के लिए आगे आता है तो वह यह नहीं देखता की जिसकी वह मदद कर रहा है वह व्यक्ति किस जाति या धर्म का है। कुछ ऐसी ही परिस्थिति कल रविवार 15 जुलाई रात 9 बजे घोड़ाडोंगरी सारणी मार्ग पर देखने में आई।
जब इस मार्ग पर एक्सीडेंट से घायल हुए जलाल खान घायल पड़े हुए थे। वहां से निकल रहे सुयश सिंह पोपली गुल ने जब उन्हें घायल पड़े देखा तो अपने वाहन में उन्हें घायल अवस्था में लाकर घोड़ाडोंगरी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया ।

कई लोगों ने बताया कि घायल जलाल खान को घायल अवस्था में देखने के लिए तो लोगों की भीड़ लग गई थी। लेकिन मदद के लिए कोई आगे नहीं आ रहा था। गुल ने जब मदद के लिए हाथ बढ़ाया तो और भी लोगों ने जलाल खान को उठाकर उनके वाहन ने बिठाया और अस्पताल लेकर आए। जहां उपचार के दौरान घायल जलाल खान की मौत हो गई।
महामंडलेश्वर योगी नवल गिरी महाराज जी के शिष्य सुयश पोपली गुल हमेशा ही ऐसे अनेक कार्य कर सुर्ख़ियों में छाए रहते हैं। उनका उद्देश्य होता है समाज के हित में कुछ बेहतर करना। जिसका श्रेय वे अपने गुरु योगी नवल गिरी महाराज को देते हैं ।

गुल कहते हैं कि हमें यह नहीं देखना है की किसे मदद की जरूरत है । हमारे गुरु कहते हैं की अपना बेहतर समाज को देने का प्रयास करो, ईश्वर भी हमारे लिए जो सबसे बेहतर होगा वह हमें देगा ।