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कहानी
सिगरेट के धुएं के जादुई छल्ले
तान्या ऑफिस में पूरी तन्मयता से काम कर रही थी. शाम के पांच बजे थे. नया-नया जॉब था. कुछ करने का, कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ने का नया-नया जोश था. तभी उसके मोबाइल पर नेहा का फोन आया. तान्या के चेहरे पर एक मुस्कुराहट उभर आई. उसके हेलो कहते…
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बहुत मार्मिक भाव अभिव्यक्ति! यदि अनाया बोल सकती होती, तो …….
"मैडमजी, सामनेवाले फ्लैट में आए नए किराएदार से मिलना हुआ आपका? मियां-बीवी दो ही प्राणी हैं और एक ढाई माह की बच्ची." कामवाली बाई ने ऑफिस के लिए तैयार होती कुसुम से पूछा."नहीं, मैं नहीं मिली. मुझे देर हो रही है." अपना पर्स…
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