बैतूल में सजा ‘मणिकर्णिका’ का गौरवशाली मंच

बैतूल में सजा ‘मणिकर्णिका’ का गौरवशाली मंच
चार राज्यों की 24 प्रतिभाशाली बेटियों का सम्मान
पद्मश्री गुलाबो, एवरेस्टर अंजना, पैरा ओलंपियन और जेल सुप्रिटेंडेंट ने बताई संघर्ष और सफलता की कहानी

बैतूल। बेटियां जब अपने हौसले, संघर्ष और प्रतिभा से सीमाओं को पार कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान बनाती हैं, तो उनकी उपलब्धियां पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन जाती हैं। ऐसी ही प्रतिभाशाली और उपलब्धियों से अपनी अलग पहचान बनाने वाली बेटियों के सम्मान में रविवार को बैतूल में ‘मणिकर्णिका सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, जयंवती हॉक्सर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बैतूल के अटल सभागृह में आयोजित समारोह में अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली चार राज्यों की 24 प्रतिभाशाली महिलाओं और बेटियों को ‘मणिकर्णिका सम्मान’ से नवाजा गया। बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वसंत श्रीवास्तव एवं एडवोकेट नीरजा श्रीवास्तव की पुत्री स्व. नेहा अभिषेक श्रीवास्तव की स्मृति में आयोजित इस समारोह ने एक बार फिर बेटियों की उपलब्धियों, संघर्ष और सफलता को सम्मान का मंच दिया। इस अवसर पर सैकड़ों छात्राओं से पद्मश्री गुलाबो सपेरा, एवरेस्टर अंजना यादव, प्राची यादव पैरा ओलंपियन और जेल सुप्रिटेंडेंट रजनी सहगल ने संघर्ष और सफलता की कहानी बताई।

पद्मश्री गुलाबो सपेरा की मौजूदगी बनी खास आकर्षण
समारोह में राजस्थान की सुप्रसिद्ध कालबेलिया नृत्यांगना पद्मश्री गुलाबो सपेरा का सम्मान विशेष आकर्षण रहा। श्रीमती गुलाबो ने कालबेलिया नृत्य और उड़ीसा से आई रूपाश्री द्वारा महरी नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी।इस दौरान किलिमंजारो विजेता इंस्पेक्टर दीपिका गौतम, पैराकैनो एथलीट प्राची यादव, पर्वतारोही अंजना यादव, जम्मू-कश्मीर की प्रथम महिला जेलर रजनी सहगल, ओडिसी एवं महरी नृत्यांगना रूपाश्री महापात्रा सहित अलग-अलग क्षेत्रों में पहचान बनाने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में श्रुति दीक्षित, एड. नारायणी उपाध्याय, बाल कलाकार रागिनी पंद्राम, हनविका कनाठे, अंजली पाण्डेय, आईएफएस श्रद्धा पन्द्रे, मंजुला पाठक, कविता पारखे, डॉ. दुर्गा पंवार, सविता सायबु आठोले, सानवी प्रजापति, कराते चैम्पियन रुषा तम्बत, हर्षिता रघुवंशी, साहित्यकार अपर्णा पात्रीकर, डॉ. मृदुला सिन्हा, समाजसेवी रेखा गुजरे, गोंडी लोक कलाकार ममता उईके और शिक्षिका लता आर्य सहित कुल 24 प्रतिभाएं शामिल रहीं। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र थपियाल की पत्नी श्रीमती कुमुद थपियाल, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे की पत्नी श्रीमती जुई सोनवणे का आयोजन समिति ने स्वागत सम्मान किया।

न्यायपालिका, प्रशासन और समाज की प्रमुख हस्तियां बनीं साक्षी
समारोह में जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेशचंद्र थपिलयाल, फैमिली कोर्ट के न्यायाधीश शिवबालक साहू, न्यायाधीश सुरेश यादव, पद्मश्री मोहन नागर, आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, नगर पालिका अध्यक्ष पार्वती बाई बारस्कर, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे, जिला सैनिक अधिकारी कैप्टन सुमीत सिंह, नगर पालिका सीएमओ नवनीत पाण्डेय तथा पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र देशमुख सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने वीडियो संदेश के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान सी डब्ल्यू एस एन बालिका छात्रावास की मूक बधिर बालिकाओं ने आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति भी दी।

राजस्थान से जम्मू-कश्मीर और ओडिशा तक पहुंचा ‘मणिकर्णिका’ का संदेश
इस वर्ष मणिकर्णिका का मंच केवल बैतूल या मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रहा। राजस्थान, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर सहित चार राज्यों से प्रतिभाएं समारोह का हिस्सा बनीं। मध्यप्रदेश के भोपाल, रायसेन, शहडोल, टिमरनी, नरसिंहपुर, ग्वालियर और बैतूल जिले से भी विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं ने सहभागिता की।

एक सम्मान नहीं, बेटियों के संघर्ष और सफलता का उत्सव
‘मणिकर्णिका सम्मान’ की खासियत यह रही कि मंच पर कला और संस्कृति से लेकर खेल, पर्वतारोहण, प्रशासन, कानून, शिक्षा, साहित्य, समाजसेवा और लोककला तक अलग-अलग क्षेत्रों की प्रतिभाओं को एक साथ सम्मान मिला। आयोजन से जुड़े डॉ. वसंत श्रीवास्तव, एड. नीरजा श्रीवास्तव, गौरी भारत सिंह पदम, धीरज बोथरा, विवेक मालवीय, धीरज हिराणी, अतुल गोठी, निर्गुण देशमुख, कमलेश गढ़ेकर, मनीष दीक्षित, राजेश-संगीता अवस्थी, अभिमन्यु श्रीवास्तव, डॉ. कृष्णा मौसिक, राजेश आहूजा, हेमंत पगारिया डॉ विनय सिंह चौहान और यथार्थ राजेश गुगनानी, भारत सिंह पद्म सहित सहयोगियों ने आयोजन को सफल बनाने में सहभागिता की।

बैतूल में सजा मणिकर्णिका का यह मंच उन बेटियों के नाम रहा, जिन्होंने अपने संघर्ष को शक्ति, प्रतिभा को पहचान और उपलब्धियों को समाज के लिए प्रेरणा में बदल दिया। चार राज्यों की 24 प्रतिभाओं का एक मंच पर सम्मान इस समारोह को यादगार बना गया। कार्यक्रम की सूत्रधार एवं बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति की अध्यक्ष श्रीमती गौरी बालापुरे ने कार्यक्रम का संचालन किया।

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