डॉ. नवीन वागद्रे (BNYS) की तीसरी पुस्तक “Mind is the Medicine | जब मन ही उपचार बन जाए” प्रकाशित

 

बैतूल (मध्य प्रदेश)। प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ, लेखक एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यकर्ता डॉ. नवीन वागद्रे (BNYS) की तीसरी पुस्तक “Mind is the Medicine | जब मन ही उपचार बन जाए” प्रकाशित हो गई है। यह पुस्तक मन, शरीर और चेतना के गहरे संबंध को भारतीय दर्शन, योग परंपरा, आधुनिक मनोविज्ञान तथा वैज्ञानिक शोध के आधार पर सरल एवं व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत करती है।

आज की तेज़ रफ्तार जीवनशैली में तनाव, चिंता और मानसिक असंतुलन लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में यह पुस्तक पाठकों को यह समझाने का प्रयास करती है कि हमारे विचार, भावनाएँ, विश्वास और आंतरिक अनुभव केवल मानसिक ही नहीं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य को भी गहराई से प्रभावित करते हैं। पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को अपने मन की शक्ति को पहचानने तथा संतुलित एवं जागरूक जीवन की दिशा में प्रेरित करना है।

पुस्तक को चार प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है। इसमें विचारों एवं विश्वासों का विज्ञान, Placebo Effect, भावनात्मक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, आत्म-प्रेम, क्षमा, प्रार्थना, कृतज्ञता, आत्म-जागरूकता तथा चेतना जैसे विषयों को सरल भाषा में समझाया गया है। साथ ही अंतिम भाग में श्वास अभ्यास, साउंड थेरेपी, विज़ुअलाइजेशन, अरोमा थेरेपी, मंडला आर्ट, जर्नलिंग तथा प्राकृतिक चिकित्सा पर आधारित व्यावहारिक अभ्यास भी शामिल किए गए हैं।

इस पुस्तक की सबसे अनूठी विशेषता यह है कि प्रत्येक अध्याय के साथ QR Code दिया गया है, जिसे स्कैन करके पाठक उसी अध्याय की ऑडियोबुक भी सुन सकते हैं। इसके अलावा पुस्तक के प्रत्येक अध्याय को उपलब्ध वैज्ञानिक शोध एवं संदर्भों के आधार पर तैयार करने का प्रयास किया गया है, जिससे पाठकों को प्रमाण-आधारित एवं विश्वसनीय जानकारी प्राप्त हो सके।

पुस्तक को अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की शुभकामनाएँ एवं संदेश भी प्राप्त हुए हैं। इनमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी, मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, AIIMS, नई दिल्ली के पूर्व विभागाध्यक्ष (Department of Surgical Disciplines) डॉ. अनुराग श्रीवास्तव, सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ की CEO डॉ. शैल्या राज, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार तथा पतंजलि, हरिद्वार के डॉ. नवीन जी शामिल हैं। इन सभी की शुभकामनाएँ पुस्तक के महत्व और उपयोगिता को और अधिक प्रेरणादायक बनाती हैं।

डॉ. नवीन वागद्रे ने बताया कि “Mind is the Medicine | जब मन ही उपचार बन जाए” केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि आत्म-जागरूकता, मानसिक संतुलन और समग्र स्वास्थ्य की दिशा में एक सार्थक पहल है। यह पुस्तक किसी चमत्कारी उपचार का दावा नहीं करती, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मनोवैज्ञानिक समझ और भारतीय आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से पाठकों को अपने भीतर छिपी उपचार क्षमता को पहचानने के लिए प्रेरित करती है।

मानसिक स्वास्थ्य, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, समग्र स्वास्थ्य (Holistic Health), मनोविज्ञान और आत्म-विकास में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह पुस्तक विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो सकती है।

मीडिया संपर्क:

डॉ. नवीन वागद्रे (BNYS)

लेखक | प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ | स्वास्थ्य जागरूकता कार्यकर्ता

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