गर्मियों में आम खाने का सही तरीका – डॉ. नवीन वागद्रे
डायबिटीज के मरीज
मोटापे से पीड़ित लोग
फैटी लिवर वाले मरीज
जिन लोगों को बार-बार एसिडिटी होती है
जिनका पाचन कमजोर है
गर्मी का मौसम आते ही बाजारों में आम की मिठास और खुशबू लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने लगती है। आम केवल स्वाद में ही नहीं बल्कि पोषण के मामले में भी बेहद खास फल माना जाता है। प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सक डॉ. नवीन वागद्रे बताते हैं कि सही तरीके और सही मात्रा में आम का सेवन किया जाए तो यह शरीर को ऊर्जा देने, इम्यूनिटी बढ़ाने और गर्मी से होने वाली कमजोरी से बचाने में काफी मदद कर सकता है।
डॉ. वागद्रे के अनुसार आम में विटामिन-A, विटामिन-C, फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, त्वचा को स्वस्थ रखने और शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में मदद करते हैं। गर्मियों में पसीने के कारण शरीर से कई जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं, ऐसे में सीमित मात्रा में आम का सेवन शरीर को पोषण देने में सहायक हो सकता है।
आम को भिगोकर खाना क्यों माना जाता है बेहतर?
अक्सर घरों में आम खाने से पहले उसे कुछ समय तक पानी में भिगोकर रखने की परंपरा देखी जाती है। डॉ. नवीन वागद्रे बताते हैं कि इसके पीछे वैज्ञानिक और पारंपरिक दोनों कारण हैं। आम की तासीर गर्म मानी जाती है। ऐसे में यदि आम को लगभग 20–30 मिनट तक पानी में भिगो दिया जाए तो उसकी अतिरिक्त गर्म प्रकृति कुछ हद तक कम हो जाती है।
इसके अलावा, भिगोने से आम के ऊपर लगे धूल-कण, केमिकल्स और लेटेक्स जैसे पदार्थ भी साफ हो जाते हैं। कुछ लोगों को आम खाने के बाद मुंह में छाले, पेट में गर्मी या त्वचा पर दाने हो जाते हैं, ऐसे लोगों के लिए भिगोकर आम खाना ज्यादा लाभकारी माना जाता है।
क्या खाली पेट आम खाना सही है?
विशेषज्ञों के अनुसार खाली पेट आम खाना हर व्यक्ति के लिए सही नहीं होता। आम में प्राकृतिक शर्करा (Natural Sugars) अधिक होती है, इसलिए खाली पेट खाने पर कुछ लोगों में ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकती है। वहीं संवेदनशील पेट वाले लोगों में एसिडिटी, गैस या पेट भारी होने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
डॉ. वागद्रे सलाह देते हैं कि आम को नाश्ते के कुछ समय बाद, दोपहर में या शाम के हल्के स्नैक के रूप में खाना ज्यादा बेहतर होता है।
किन लोगों को आम सीमित मात्रा में खाना चाहिए?
कुछ लोगों को आम का सेवन सावधानी से करना चाहिए, जैसे:
डायबिटीज के मरीज
मोटापे से पीड़ित लोग
फैटी लिवर वाले मरीज
जिन लोगों को बार-बार एसिडिटी होती है
जिनका पाचन कमजोर है
ऐसे लोगों को कम मात्रा में और नियंत्रित तरीके से आम खाना चाहिए।
आम खाने का सबसे हेल्दी तरीका क्या है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ताजे, पके हुए और भीगे आम खाना सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। आम का जूस या शेक पीते समय अतिरिक्त चीनी डालने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे कैलोरी और शुगर दोनों बढ़ जाते हैं।
डॉ. नवीन वागद्रे बताते हैं कि आम को ओट्स, दही, चिया सीड्स या नट्स के साथ मिलाकर खाने से उसका ग्लाइसेमिक प्रभाव कुछ हद तक संतुलित किया जा सकता है और यह अधिक संतुलित भोजन बन जाता है।
एक दिन में कितना आम खाना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार एक स्वस्थ व्यक्ति दिन में लगभग 1–2 मध्यम आकार के आम आराम से खा सकता है। अत्यधिक मात्रा में आम खाने से वजन बढ़ना, शुगर बढ़ना, पेट भारी होना और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
गर्मियों में आम खाते समय किन बातों का रखें ध्यान?
आम खाने के बाद तुरंत बहुत ठंडा पानी न पिएं
बहुत ज्यादा आम एक साथ न खाएं
रात में अधिक मात्रा में आम खाने से बचें
हमेशा अच्छी तरह धुले और पके हुए आम ही खाएं
संतुलित मात्रा में सेवन करें
अंत में डॉ. नवीन वागद्रे बताते हैं कि आम एक पौष्टिक और ऊर्जा देने वाला फल है, लेकिन किसी भी चीज की तरह इसका सेवन भी संतुलित मात्रा में करना ही शरीर के लिए सबसे फायदेमंद होता है।
नोट: स्वास्थ्य और प्राकृतिक जीवनशैली से जुड़ी ऐसी ही जानकारियों के लिए डॉ. नवीन वागद्रे के यूट्यूब चैनल “Dr Naveen Wagadre” पर वीडियो भी देखे जा सकते हैं।