घोड़ाडोंगरी। तहसील क्षेत्र में राजस्व व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ने वाला है। तहसील कार्यालय घोड़ाडोंगरी के पटवारियों ने तहसील अध्यक्ष अनिल उईके के नेतृत्व में 30 अप्रैल से 2 मई तक तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय लिया है। इस दौरान नामांतरण, सीमांकन, , बंटवारा, रिकॉर्ड सुधार सहित अधिकांश राजस्व कार्य पूरी तरह ठप रहेंगे, जिससे आम नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।
*क्यों लिया गया फैसला*
पटवारी संघ के अनुसार लंबे समय से कार्यभार लगातार बढ़ता जा रहा है। भू-अभिलेख से जुड़े मूल कार्यों के अलावा 181 हेल्पलाइन, जनसुनवाई, ई-केवाईसी, सर्वे, रिकॉर्ड स्कैनिंग और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी एक साथ सौंपी जा रही हैं। तय समय सीमा और संसाधनों की कमी के कारण काम का दबाव बढ़ रहा है।
संघ का आरोप है कि रिकॉर्ड स्कैनिंग प्रक्रिया में तकनीकी खामियां होने के बावजूद सुधार नहीं किया जा रहा। एवं हमारे पटवारियों पर बिना पर्याप्त जांच के ही कार्यवाही कर दी जाती है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष है।
हाल ही में किए 2 पटवारियो के लिए निलंबन को बहाल करने को लेकर पटवारी संघ ने ज्ञापन दिया।
*पहले भी दिया जा चुका है ज्ञापन*
पटवारी संघ द्वारा पूर्व में भी अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समाधान नहीं निकलने के कारण अब सामूहिक अवकाश का निर्णय लिया गया है।
*जनता पर पड़ेगा असर*
तीन दिन तक पटवारी कार्य बंद रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। किसानों और जमीन से जुड़े मामलों में देरी होगी। खसरा-नकल, नामांतरण, सीमांकन और अन्य जरूरी कामों के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ेगा।
*आगे की रणनीति भी तय*
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। सामूहिक अवकाश के बाद चरणबद्ध तरीके से काम सीमित करने और आवश्यकता पड़ने पर कलमबंद हड़ताल तक जाने की चेतावनी दी गई है।
*प्रशासन क्या कहता है*
तहसील स्तर के अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही पटवारी संघ की मांगों पर भी चर्चा की जाएगी।