नारी शक्ति वंदन अधिनियम ~महिलाओं का राजनीतिक सशक्तिकरण==नेहा उइके (पार्षद)

(घोड़ाडोंगरी )
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता सोच और प्रतिबद्ध नेतृत्व के कारण देश में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में नए आयाम स्थापित हो रहे है
इस पर घोड़ाडोंगरी नगर परिषद की पार्षद नेहा उइके ने कहा कि महिला आरक्षण होने से महिलाओं की बातें सदन में उठेगी, महिलाओं के मुद्दे सदन में उठेंगे। महिला जब नेतृत्व करती है तो समाज के हर एक वर्ग को वो ध्यान में रखते हुए काम करती हैं।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, अधिकार और भागीदारी को सशक्त बनाने का ऐतिहासिक संकल्प है। यह नीति-निर्माण में प्रभावी भूमिका निभाने का सशक्त अवसर प्रदान करता है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच और प्रतिबद्ध नेतृत्व में देश महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में नए आयाम स्थापित कर रहा है।
संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की 33% भागीदारी केवल एक कानून नहीं, यह नारी शक्ति के सामर्थ्य और नेतृत्व पर अटूट विश्वास का प्रमाण है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान की नींव पर खड़ा यह अधिनियम वर्ष 2029 से देश की नीति-निर्धारण प्रक्रिया में महिलाओं की सशक्त भूमिका सुनिश्चित करेगा।

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