घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के अध्यापक,शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने रैली निकाल तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन । (टीईटी परीक्षा निरस्त करने माननीय प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन)
घोड़ाडोंगरी ।अध्यापक,शिक्षक संघों के प्रदेश व्यापी आह्वान पर आज दिनांक11 अप्रैल को साम 5 बजे विकासखंड स्तर पर घोड़ाडोंगरी के अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा द्वारा विशाल रैली निकालकर माननीय प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री जी के नाम घोड़ाडोंगरी तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा जिसमें माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के परिपेक्ष में शिक्षक पात्रता
परीक्षा (टेट )की अनिवार्यता समाप्त करने एवं नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना के संबंध में रैली निकाल कर नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे जहां सभा को संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों, मातृशक्ति बहनों ने सभा को संबोधित किया । ज्ञापन सौंपने वाले में जिला संयोजक संजय ठाकुर,ब्लॉक संयोजक राजेश गंगारे,मुकेश सरयाम,हेमराज बेले,नितेश राठौर,धनंजय धाडसे,दशरथ धुर्वे, भागवतराम तुमराम,गणेश धुर्वे,देवेंद्र गलफट सीमा अश्वारे ,प्रकाश राठौर सहित सैकड़ों की संख्या में अध्यापक,शिक्षक उपस्थित रहे।
ज्ञापन में निम्न बातों को लेकर
सविनय निवेदन किया आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय एवं आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त नॉन-TET शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करने हेतु निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में निवेदन है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की अधिसूचना दिनांक 10 अगस्त 2010 की कंडिका 4 (क), (ग) एवं कंडिका 5 के अनुसार क्रमशः-
03 सितंबर 2001 के पश्चात नियुक्त शिक्षक (संविदा शाला शिक्षक)
03 सितंबर 2001 के पूर्व नियुक्त शिक्षक (शिक्षाकर्मी व संविदा शाला शिक्षक) तथा वर्ष 2011 से 2014 के मध्य गुरुजी से संविदा शिक्षक के रूप में नियुक्त शिक्षक को TET से छूट प्रदान की गई है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय में भी उक्त छूट का उल्लेख किया गया है। इसके बावजूद विभागीय आयुक्तों द्वारा समस्त सेवारत नॉन-TET शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने हेतु बाध्य किया जाना, अधिसूचना के प्रावधानों एवं माननीय न्यायालय के निर्णय की भावना के विपरीत है। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि-
आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल द्वारा दिनांक 02 मार्च 2026 तथा आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा दिनांक 26 मार्च 2026 को जारी आदेशों को तत्काल निरस्त करने की कृपा करें।
प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त कर उन्हें अनावश्यक मानसिक तनाव से राहत प्रदान करने की कृपा करें।
नवीन शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों की लंबे समय से की जा रही ज्वलंत मांग को दृष्टिगत रखते हुए उनकी सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से किए जाने हेतु आवश्यक आदेश जारी करने की कृपा
करें, जिससे पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अवकाश नगदीकरण जैसे वैधानिक लाभ पदोन्नति / क्रमोन्नति की भांति सुनिश्चित हो सके।आशा है कि आप इस विषय पर संवेदनशीलता एवं न्यायोचित दृष्टिकोण अपनाते हुए शिक्षको को आवश्यक राहत प्रदान करेंगे।







