बैतूल। भाजपा जिला महामंत्री कमलेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने जनजातीय संस्कृति और परंपराओं का कभी सम्मान नहीं किया। मोदी सरकार देश के विकास के साथ-साथ विरासत को सहेजने और जनजातीय लोक परंपराओं को संरक्षित करने का काम कर रही है, जिससे कांग्रेस को तकलीफ हो रही है।
सिंह ने कहा कि केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उईके के प्रयास से घोड़ाडोंगरी में आदिरंग महोत्सव आयोजित किया गया, जिसमें लुप्त होती जा रही जनजातीय लोक संस्कृति की अनेक झलकियां देखने को मिलीं। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह आपदा में राजनीति करती है और जनजातीय समाज को गुमराह करने की कोशिश करती है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उईके के प्रयास से बैतूल में 200 करोड़ रुपए की लागत से जनजातीय संग्रहालय बनने जा रहा है, जिससे जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। लेकिन कांग्रेस को यह बात रास नहीं आ रही है और वह इसका विरोध कर रही है।
सिंह ने कहा कि एक समय में जब वही किसान मुलताई में अपनी नष्ट हो चुकी फसल का मुआवजा मांग रहे थे तो दिग्विजय सिंह की कांग्रेस सरकार ने गोलियां चलवाकर 20 किसानों को मौत के घाट उतार दिया था। कांग्रेस ने न तो कभी जनजातीय महापुरुषों को सम्मान दिया और न ही जनजातीय संस्कृति का सम्मान किया।
सिंह ने कहा कि भाजपा जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है और कांग्रेस की जनजातीय विरोधी मानसिकता को उजागर करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा आपदा में राजनित्तिक रोटी सेंकने का अवसर तलाशते रहती है। ओलावृष्टि एक प्राकृतिक आपदा है और आपदा कहकर नहीं आती। जैसे ही मुलताई के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की सूचना मिली दुर्गादास जी ने तत्काल कलेक्टर को प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे करने के निर्देश दिए। प्रदेश अध्यक्ष जी ने मुख्यमंत्री जी से बात की। सर्वे हो रहा है और किसानों को मुआवजा भी शीघ्र मिलेगा लेकिन कांग्रेस तो आपदा में अवसर ढूंढ रही
है, उन्हें अपनी राजनीति की रोटी जो सेंकनी है।
सिंह ने कहा कि जनजातीय कलाकारों के आग्रह पर यदि कोई जनप्रतिनिधि अपने सगा समाज के साथ थोड़ा नृत्य कर भी लिया तो इसमें क्या गलत है। कांग्रेस की जनजातीय विरोधी मानसिकता को जनजातीय समाज अच्छी तरह से समझ रहा है और आने वाले समय में कांग्रेस को इसका जवाब देगा।







