माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (श्री दिनेश चन्द्र थपलियाल), जिला बैतूल के न्यायालय द्वारा आरोपीगण विक्की पिता दिनेश यादव उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम लावण्या तथा देवेन्द्र पिता भरत यादव उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम हाथीकुण्ड थाना शाहपुर, जिला बैतूल (म.प्र.) को धारा 302, 34 भादवि के अपराध में दोषी पाते हुये आजीवन कारावास एवं 7-7 हजार रूपये के जुर्माने तथा धारा 324, 34 भादवि में 02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3-3 हजार रूपये के जुर्माने से दण्डित किया गया।
प्रकरण में राज्य की ओर से *उपनिदेशक अभियोजन श्री राजकुमार उईके* एवं *सहायक निदेशक अभियोजन श्री एस.पी. वर्मा* द्वारा सशक्त पैरवी की गई। *श्री अजीत सिंह, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, बैतूल* द्वारा पैरवी में विशेष सहयोग प्रदान किया गया। वहीं प्रकरण में अंतिम तर्क *श्री सोहनलाल चौरे, एडीपीओ* द्वारा तैयार किए गए। उक्त प्रकरण को *चिन्हित एवं जघन्य सनसनीखेज श्रेणी* में रखा गया था।
*घटना का संक्षिप्त विवरणः-*
दिनाँक 07.05.2023 को फरियादी/आहत मोहन यादव एवं मृतक चंद्रशेखर यादव अपने फूफा दिनेश यादव की लड़की रोशनी के शादी समारोह में शामिल होने अपने परिवार रिश्तेदारों सहित ग्राम हाथीकुण्ड गए थे। विवाह कार्यक्रम के दौरान रात्रि 11ः40 बजे सभी लोग दुल्हा दुल्हन के साथ फोटो खिचवा रहें थे। फरियादी मोहन अपने भाई चन्द्रशेखर यादव के साथ फोटो खिचवाने स्टेज पर गया और फोटो खिचवाने के बाद स्टेज से उतरते समय आरोपीगण विक्की यादव एवं देवेन्द्र यादव के साथ सीढ़ियों पर धक्का-मुक्की हो गई। बाद में वह अपने परिवारजन के साथ सेल्फी ले रहें थे, तभी विक्की यादव एवं देवेन्द्र यादव आए
और उनकी बहन मनीषा, रश्मि एवं ज्योति पर कमेंट करने लगे जिसका उन्होंने विरोध किया तो आरोपी विक्की यादव ने जान से मारने की नियत से अपने पास रखे चाकू से चन्द्रशेखर उर्फ बीरबल के सीने में दाई तरफ तथा पसली में बाई तरफ 3-4 वार किये जिससे खून निकलने लगा। आरोपी देवेन्द्र ने चन्द्रशेखर उर्फ बीरबल को पकड़ा था और विक्की उसे चाकू से मार रहा था। फरियादी मोहन बचाने गया तो देवेन्द्र ने उसे भी पकड़ लिया और विक्की ने जान से मारने की नियत से उसके सिर पर चाकू मार दिया जिससे उसके सिर में चोट आई और वह वहीं सिर पकड़ कर बैठ गया। फरियादी मोहन, संजय यादव
तथा सुमित यादव, चन्द्रशेखर उर्फ बीरबल को ईलाज हेतु पाढ़र अस्पताल ले गए जहाँ ईलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। फरियादी मोहन यादव की रिपोर्ट पर पुलिस ने देहाती नालसी लेख की। मृतक चन्द्रशेखर उर्फ बीरबल के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, दोनों आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई जिसमें अपराध कारित किया जाना स्वीकार किया गया तथा उनकी सूचना पर घटना में प्रयुक्त चाकू एवं घटना समय उनके पहने हुये कपड़ों को विधिवत् जब्त किया गया। आवश्यक अनुसंधान उपरान्त अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा सशक्त पैरवी करते हुये अभियुक्तगण पर आरोपित अपराध को प्रमाणित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्तगणों को उपरोक्त दण्डानुसार दण्डित किया गया।
(अजीत सिंह)
सहा.जिला अभियोजन अधिकारी
जिला अभियोजन संचालनालय
जिला बैतूल (म.प्र.)







