*सारनी संवाददाता*
सारनी। वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के पाथाखेड़ा क्षेत्र की तवा–2 भूमिगत कोयला खदान में ठेका मजदूरों का बकाया वेतन और कथित शोषण को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन सोमवार को ग्यारहवें दिन भी जारी रहा, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया। लगातार संघर्ष के बावजूद मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदारों और कुछ अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है।
सूत्रों के अनुसार यह स्थिति नई नहीं है, बल्कि पिछले लगभग 20 वर्षों से कम पढ़े-लिखे और आर्थिक रूप से कमजोर मजदूरों का फायदा उठाकर ठेकेदारों द्वारा उनका शोषण किया जाता रहा है। मजदूरों का कहना है कि वर्षों से चले आ रहे इस अन्याय के खिलाफ अब वे जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।
सोमवार सुबह करीब 8 बजे ठेकेदार जे.के. इंफो के जाहिद खान द्वारा कथित रूप से बाहरी अनस्किल्ड मजदूरों को प्राइवेट बंदूकधारी गार्डों के साथ तवा-2 खदान में काम के लिए भेजे जाने से माहौल और गरमा गया। आंदोलन पर बैठे मजदूरों ने इसे आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश बताते हुए कड़ा विरोध किया।
मामले को लेकर तवा-2 खदान के सब एरिया मैनेजर सत्यनारायण से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि खदान में काम के लिए ठेकेदार बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त मजदूरों को भेज सकते हैं, लेकिन आंदोलनकारी मजदूरों द्वारा खदान परिसर में प्राइवेट बंदूकधारियों की मौजूदगी पर आपत्ति जताने के बाद उन्होंने तत्काल अधिकारियों को फोन कर गार्डों को परिसर से बाहर भेजने के निर्देश दिए।
बताया जा रहा है कि तीन मजदूर खदान परिसर के अंदर होने के कारण अधिकारियों ने पुलिस प्रशासन को सूचना दी। पाथाखेड़ा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए मजदूरों को बाहर जाने के निर्देश दिए।
इस दौरान श्रमिक नेता प्रदीप नागले, संतोष देशमुख और मनोज पवार ने थाना प्रभारी जयपाल इवनाती से चर्चा कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। आंदोलनकारी मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि शोषण और बाहरी मजदूरों की भर्ती पर रोक नहीं लगी तो आंदोलन और उग्र होगा।
मजदूरों ने मंगलवार सुबह जिला कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी से मिलकर ज्ञापन सौंपने तथा श्रम विभाग और अनुसूचित जनजाति विभाग में भी शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि वर्षों से हो रहे शोषण के खिलाफ अब न्याय की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।







