गौ ग्राम संस्कृति संरक्षण समिति क्या है

 

गौ संरक्षण, ग्राम पुनर्जीवन और प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत गौ ग्राम संस्कृति संरक्षण समिति (GGSS) पिछले 11 वर्षों से निरंतर सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों के माध्यम से जन-जागरण का कार्य कर रही है। समिति का उद्देश्य गौ, ग्राम और प्रकृति को केंद्र में रखकर भारतीय जीवन-दृष्टि को पुनः सशक्त करना है।

समिति का कार्य ब्रह्मलीन परम तपस्वी संत शिरोमणि श्री 1008 निक्कूदास जी महाराज की प्रेरणा एवं सूक्ष्म आध्यात्मिक उपस्थिति में संचालित हो रहा है। GGSS इस मूल विश्वास के साथ कार्य कर रही है कि यदि गौ बचेगी तो ग्राम बचेगा, ग्राम बचेगा तो संस्कृति बचेगी और संस्कृति बचेगी तो भारत बचेगा।
समिति का मानना है कि गौ को केवल आस्था का विषय मानकर सीमित नहीं किया जा सकता, बल्कि वह ग्राम की अर्थव्यवस्था, कृषि, स्वास्थ्य और पर्यावरण का एक सशक्त आधार है। इसी सोच के साथ GGSS देसी गौवंश संरक्षण, गौ आधारित ग्राम मॉडल, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, ग्राम पलायन रोकने तथा प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही है।

गौ ग्राम संस्कृति संरक्षण समिति द्वारा संचालित विभिन्न अभियानों और कार्यक्रमों में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

समिति से जुड़ने के लिए कोई भी व्यक्ति सदस्य बनकर, सेवा कार्यों में सहभागी होकर, गौ–ग्राम–प्रकृति संरक्षण का संदेश समाज तक पहुँचाकर अथवा संस्था के अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाकर इस आंदोलन का हिस्सा बन सकता है।
संत निक्कूदास आश्रम गौशाला, रानीपुर से संचालित यह अभियान भारत की जड़ों को पुनः सशक्त और जीवंत बनाने की दिशा में एक सतत और संगठित प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।