युवा पीढ़ी को भारत का इतिहास बताकर उस पर अमल कराना जरूरी: आशुतोष चौहान

शहीद भगत सिंह बस्ती में हिंदू सम्मेलन संपन्न; ‘पंच परिवर्तन’ की रंगोली और लोक नृत्य रहे आकर्षण का केंद्र

सारनी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के गौरवशाली 100 वर्ष पूर्ण होने पर मनाए जा रहे ‘शताब्दी वर्ष’ के उपलक्ष्य में, रविवार को सारनी के शहीद भगत सिंह बस्ती स्थित मंगल भवन में विशाल हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सकल हिंदू समाज आयोजन समिति के इस कार्यक्रम में भक्ति, कला और राष्ट्रवाद का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इतिहास के गौरव से प्रेरित हो युवा पीढ़ी
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आशुतोष चौहान ने अपने ओजस्वी संबोधन में युवाओं पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा, “आज की युवा पीढ़ी को भारत के वास्तविक गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना और उन्हें उस पर अमल करने के लिए प्रेरित करना नितांत आवश्यक है।” उन्होंने आगे कहा कि यदि बच्चों में बचपन से ही सनातन संस्कार और राष्ट्रप्रेम भरा जाए, तभी एक समर्थ भारत की नींव रखी जा सकती है।
सांस्कृतिक वैभव और ‘पंच परिवर्तन’ का संदेश
कार्यक्रम में कला और संस्कृति के माध्यम से वैचारिक संदेश दिए गए:

विशेष आकर्षण: कार्यक्रम में ‘पंच परिवर्तन’ (स्वदेशी, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, नागरिक कर्तव्य और सामाजिक समरसता) पर आधारित कलात्मक रंगोली सभी के आकर्षण का केंद्र रही।
सांस्कृतिक प्रस्तुति: कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना और उस पर आधारित सुंदर नृत्य से हुआ। इसके बाद जनजातीय कलाकारों ने अपने पारंपरिक लोक नृत्य की प्रस्तुति देकर उपस्थित प्रबुद्ध जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मातृशक्ति और सामाजिक सशक्तिकरण
अनामिका बघेल: राष्ट्रीय स्वयंसेविका समिति की सेविका ने मातृशक्ति को सशक्त बनाने और परिवार में संस्कारों के महत्व पर विचार रखे।

अतिथि उपस्थिति: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कमल किशोर भावसार और पंडित संतोष शर्मा ने भी शताब्दी वर्ष के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
शताब्दी वर्ष का संकल्प
संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर देश की प्रत्येक बस्ती तक पहुँचने के लक्ष्य के साथ आयोजित यह सम्मेलन स्थानीय समाज को एकजुट करने में सफल रहा। कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती और राष्ट्र की सेवा के संकल्प के साथ हुआ।