*​जन सेवा कल्याण समिति की प्रेरणा से मासूम के लिए आगे आए आशीष, रक्तदान कर पेश किया सेवा का उदाहरण*

Pramod Suryavanshi

 

मानवता की सेवा और पीड़ित मानवता की मदद के संकल्प के साथ कार्य कर रही ‘जनसेवा कल्याण समिति’ की प्रेरणा से आज एक बार फिर एक मासूम की जान बचाने के लिए रक्तदान किया गया। समिति की सूचना पर शुभम हाउसिंग एंड डेवलपमेंट बैतूल में कार्यरत आशिष गुलतकर ने तत्काल राठी अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया।

​क्या है पूरा मामला?
​12 वर्षीय बालक चेतन मगरदे निवासी आठनेर गंभीर बीमारी थैलेसीमिया से ग्रसित है। इस बीमारी के कारण बालक को हर महीने रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है। जब समिति को रक्त की आवश्यकता की सूचना मिली, तो समिति के सदस्य सक्रिय हुए। सूचना मिलते ही शुभम हाउसिंग एंड डेवलपमेंट में कार्यरत आशीष गुलतकर ने तत्परता दिखाई और तुरंत राठी हॉस्पिटल पहुंचकर अपना B+ (बी पॉजिटिव) रक्त दान किया।
​समिति ने लिया जिम्मेदारी का संकल्प
​रक्तदान के दौरान जन सेवा कल्याण समिति के सदस्यों ने बालक चेतन और उसके परिजनों को ढांढस बंधाया। समिति के लकेश रहड़वे ने बच्चे से वादा किया कि भविष्य में भी उसे रक्त की कमी नहीं होने दी जाएगी। समिति ने संकल्प दोहराया कि आने वाले समय में भी चेतन के लिए रक्त की सुचारू आपूर्ति समिति के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी।
​”रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। एक छोटे से प्रयास से अगर किसी मासूम का जीवन संवरता है, तो यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है।” समिति सदस्य अमित यादव विजित नागपुरे ने बताया यह बच्चा 9 साल की उम्र से समिति ने गोद लिया है जिसे समिति लगातार 25 दिन के अंतराल में 3 साल से ब्लड दे रही है
— आशीष गुलतकर, रक्तदाता
सहित ​समिति ने शहर के अन्य युवाओं से भी अपील की है कि वे रक्तदान के पुनीत कार्य में आगे आएं ताकि किसी भी जरूरतमंद की जान समय पर बचाई जा सके।

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