*विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उइके के निवास पर उमड़े बंगाली समुदाय के लोग, पट्टे की मांग को लेकर उठाई आवाज*
बैतूल/भौरा । सोमवार को विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उइके के भौंरा निवास पर सैकड़ो की संख्या में बंगाली समुदाय के लोग एकत्रित हुए और अपनी पट्टे की मांग को लेकर आवाज उठाई। इस दौरान उन्होंने विधायक से मुलाकात की और अपनी समस्याओं को उनके सामने रखा।
विधायक श्रीमती उइके ने बंगाली समुदाय के लोगों की मांगों को सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि वे उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा कि बंगाली समुदाय के लोगों के साथ हमेशा खड़े रहने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं और उनकी मांगों को पूरा करने के लिए वे हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगी।
इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि और भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र मालवीय भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी बंगाली समुदाय के लोगों की मांगों का समर्थन किया और कहा कि वे उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
बंगाली समुदाय के लोगों ने विधायक श्रीमती उइके का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। इस अवसर पर बंगाली समुदाय के लोगों ने विधायक के समर्थन में नारे लगाए और उनके नेतृत्व में अपनी मांगों को पूरा करने के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया।
विधायक श्रीमती उइके ने कहा कि वे जल्द ही इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों से मुलाकात करेंगी और बंगाली समुदाय के लोगों की मांगों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा कि बंगाली समुदाय के लोगों के साथ न्याय होना चाहिए और उन्हें उनका हक मिलना चाहिए।
गौरतलब है कि पूर्व में 2610 परिवारों को पट्टे वितरित किए गए थे, जो पूर्व विधायक स्वर्गीय सज्जन सिंह उईके और वर्तमान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल के प्रयासों से संभव हुआ था। अब विधायक श्रीमती उइके ने आश्वासन दिया है कि बाकी के 527 परिवारों को भी पट्टे वितरित किए जाएंगे।
राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने जवाब देते हुए बताया कि बैतूल जिले के विकासखंड घोड़ाडोंगरी के चोपना क्षेत्र में 32 ग्रामों में 2610 परिवारों को पुनर्वास के तहत बसाया गया था और उन्हें स्थाई पट्टे जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सीमांकन की समस्याओं के संबंध में राजस्व अभिलेख अनुसार पट्टा आवंटित भूमि का सीमांकन आवेदन प्राप्त होने पर समय-समय पर निराकरण किया जा रहा है।







