*देश का हर क्रांतिकारी हमें प्रेरणा देता है- हेमन्त खण्डलवाल*
*विष्णु सिंह का जीवन संघर्ष और बलिदान की अमर गाथा है-डीडी उइके*
*केंद्रीय मंत्री,प्रदेश अध्यक्ष,विधायक ने किया सरदार विष्णु सिंह की प्रतिमा का अनावरण*
*स्वतन्त्रता सेनानी के परिजनों का किया सम्मान*
सारनी। शासकीय महाविद्यालय सारनी में वीर स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी सरदार विष्णु सिंह उइके की प्रतिमा के अनावरण समारोह को सम्बोधित करते हुए बैतूल विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त खण्डलवाल ने कहा कि हमारे क्षेत्र के महान सपूत एवं आजादी के अमर योद्धा सरदार विष्णु सिंह की प्रतिमा का अनावरण हम सभी के लिये गौरव की बात है। देश का हर क्रांतिकारी हमे प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि विष्णु सिंह की गौरव गाथा बहुत पहले ही इतिहास के अभिलेखों में दर्ज हो जाना चाहिए था। श्री खण्डलवाल ने कहा कि गांधीवादी नेताओं से मतभेद के वावजूद भी विष्णु सिंह जी ने अपनी धारा नही बदली। नेता जी सुभाष चन्द्र बोस के नेतृत्व में फॉरवर्ड ब्लॉक से जुड़कर इस आदिवासी अंचल में आजादी की अलख को जगाए रखा। उन्होंने कहा कि हमारी विचारधारा अलग अलग हो सकती है लेकिन बात जब देश की हो या देश के महापुरुषों की हो तो हमारी भावना एक होनी चाहिए। युवाओं का आचरण ऐसा हो कि भगत सिंह,आजाद,सुभाष चन्द्र बोस और वीर विष्णु सिंह की तरह देश आप पर गर्व कर सके।
अनावरण समारोह को सम्बोधित करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि आज हम एक ऐसे महान सपूत की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में उपस्थित हैं जो हमारे जनजातीय समाज के गौरव थे। उन्होने कहा कि सरदार विष्णु सिंह का पूरा जीवन संघर्ष और बलिदान की अमर गाथा है। उनकी यह प्रतिमा सिर्फ पत्थर और धातु की आकृति नही बल्कि आत्मा में ज्योति जगाने वाला प्रेरणापुंज है। इस अवसर पर जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर ने कहा कि हमारा यह क्षेत्र वीर क्रांतिकारियों की धरती है। देश की आजादी में सरदार विष्णु सिंह जैसे वीर सेनानियों के योगदान को कभी भुलाया नही जा सकता।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे क्षेत्रीय विधायक डॉ योगेश पण्डागरे ने कहा कि आज भारत माता के सच्चे सपूत की प्रतिमा का अनावरण है। केंद्र और राज्य की सरकार जनजातीय क्रांतिकारियों की गौरव गाथा और संस्कृति के संरक्षण के लिये लगातार कार्य कर रही है। सरदार विष्णु सिंह जी की यह प्रतिमा आज आने वाली पीढ़ी को उनके बलिदानों की याद दिलाती रहेगी। समारोह का शुभारंभ सभी अतिथियों ने भारत माता,सरदार विष्णु सिंह उइके के प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वल्लन और नौ कन्याओं के पूजन के साथ किया। घोड़ाडोंगरी विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उइके ने गोंडी भाषा मे सम्बोधित किया। जन भागीदारी समिति अध्यक्ष कमलेश सिंह एवं नपा अध्यक्ष किशोर वरदे ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर मुलताई विधायक चन्द्रशेखर देशमुख,जिपं अध्यक्ष राजा पवार, जिपं उपाध्यक्ष हंसराज धुर्वे, भाजपा जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार, जिला योजना समिति सदस्य आदित्य शुक्ला,नपा उपाध्यक्ष जगदीश पवार सहित क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधि मंच पर उपस्थित थे। केंद्रीय राज्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष विधायक सहित सभी अतिथियों ने सरदार विष्णु सिंह एवं क्षेत्र के अन्य स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को शाल और श्रीफल से सम्मानित किया। जन भागीदारी समिति अध्यक्ष एवं प्राचार्य प्रदीप पन्द्राम ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह के रूप में सरदार विष्णु सिंह का चित्र भेंट किया। अतिथियों ने छात्रों द्वारा प्रकाशित पत्रिका का विमोचन किया। महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक नृत्य एवं देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। केंद्रीय राज्यमंत्री ने महाविद्यालय के बाउंड्री वाल निर्माण एवं सरदार विष्णु सिंह के गांव महेन्द्रबाड़ी तक पक्की सड़क निर्माण की घोषणा की एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त खण्डलवाल ने सरदार विष्णु सिंह की प्रतिमा स्थल को और भव्य रूप देने की घोषणा की।
*पहले किया कन्यापूजन फिर मंच पर पहुचे अतिथि*
सारनी। दुर्गाष्टमी के दिन बगडोना कॉलेज में आयोजित सरदार विष्णु सिंह उइके के प्रतिमा अनावरण में पधारे अतिथियों ने सबसे पहले भारत माता नौ रुपों में उपस्थित नव कन्यायों का पूजन किया फिर मंच पर पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष,विधायक,जिला पंचायत अध्यक्ष जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर सभी अतिथियों ने नौ कन्याओं का विधि विधान से पूजन किया एवं पैर छूकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
*केंद्रीय मंत्री ने सभी सेनानियों को याद किया*
सारनी। प्रतिमा अनावरण समारोह के मुख्य अतिथि दुर्गादास उइके ने अपने उदबोधन में क्षेत्र के सभी सेनानियों को याद किया। श्री उइके ने सरदार विष्णु सिंह उइके के साथ साथ गंजन सिंह कोरकू,जंगू सिंह उइके,मोहकम सिंह,भोंदे सिंह कवड़े,मन्शु ओझा,ननकू धुर्वे,चुन्नीलाल मर्सकोले सहित क्षेत्र के सभी सेनानियों को याद किया एवं उनके योगदान को रेखांकित किया।







