*दलित पिछड़ा समाज संगठन के प्रदेश महासचिव कमल सिंह कुशवाहा ने ऐलान किया कि हमारे वर्ग के शहीद मनीराम अहिरवार को सम्मान दिलाया जायेगा*

मूलचन्द मेंधोनिया पत्रकार भोपाल

भोपाल। दलित पिछड़ा समाज संगठन के प्रदेश महासचिव कमल सिंह कुशवाहा समता समाज अधिकार मंच भोपाल के तत्वावधान में स्वतंत्रता दिवस जन अधिकार आंदोलन के तौर पर संविधान चौक दीक्षा नगर बागमुंगालिया, भोपाल में मनाया गया।
जिसमें संगठन के प्रदेश युवा अध्यक्ष पीयूष यादव एवं दलित पिछड़ा समाज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने स्वतंत्रता दिवस पर झंडा वंदन व राष्ट्रीय गीत के गाया और देश की आजादी के कुरबानी देने वाले महान क्रांतिकारियों को नमन किया गया।
समता समाज अधिकार मंच के अध्यक्ष मिलिंद सरदार के नेतृत्व में आयोजन में विभिन्न कार्यक्रम रखें। जिसमें स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया, बाईक रैली का स्वागत किया गया। महापुरुषों के आंदोलन को याद किया गया। वही भोपाल में रह रहे गरीब मजदूरों के साथ हो रहें अन्याय, पक्षपात और शासकीय योजनाओं का लाभ बाजिब लोगों तक न मिलने पर चर्चा की गई। दूसरी और सरकार की आड़ में प्राईवेट कंपनी व सेक्टरों के द्वारा खुलेआम लूट करने पर चिंता व्यक्त की तथा 13 सूत्रिय मांगे शासन प्रशासन के लिए मुख्य रूप से रखीं ।
कुशवाहा ने इस मौके पर अपने उद्बोधन देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश के जिला नरसिंहपुर तहसील गाडरवारा के नगर चीचली में बहुजन समाज में जन्मे अमर शहीद वीर मनीराम अहिरवार थे। जिन्होंने देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा अंग्रेजों से युद्ध लडा़ उन्होंने आदिवासी मूल निवासी जो कि गोंड है। वहां के राजा जब महल में नहीं थे। तब गोंड राजमहल की सेवादारी कर रहे और अपनी निष्ठा से महल की देखभाल करने वाले युद्धा ने बहुजन समाज की गोंड बिरासत को बचाने हेतु 23 अगस्त 1942 में अंग्रेजों से युद्ध लडा़ उन्हें महल तक नहीं आने दिया। तथा न ही नगर में प्रवेश करने दिया, अंग्रेजों से सीधा मुकाबला कर अंग्रेजों के लिए मार खदेड़ कर व लहूलुहान कर भगा दिया था। इनके युद्ध के दौरान इनके साथी वीर सपूत मंशाराम जसाटी जी ने शहादत थी। जिनके ऊपर गोली लगने पर मनीराम अहिरवार ने पत्थरबाजी, गुलेल के माध्यम से अंग्रेजों को घायल किया। इनके इसी लडा़ई के दौरान वीरांगना गौरा देवी कतिया जो कि मनीराम अहिरवार के सीने पर अंग्रेजों द्वारा चलाई गोली से शहीद हुए थी।
लेकिन बडे़ अफसोस कि बात है कि अंग्रेजों से लडा़ई लड़ रहे दलित समाज के महान क्रांतिकारी को जातिवाद और भेदभाव के कारण शहीद का दर्जा तो छोड़ो उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तक का सम्मान दिया। इस प्रकार वीर मनीराम अहिरवार के आंदोलन व इतिहास को छुपाया गया। शहीद परिवार द्वारा लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है। लेकिन इनकी गरीब स्थित होने के कारण उनकी सही तौर पर सरकार तक आवाज नहीं पहूंच रहे हैं। समाज ने नेताओं के हाल ये है कि वह तो विधायक, सांसद व राजनैतिक लाभ के लिए ही काम कर रहे हैं। उन्हें परवाह नहीं है कि हमारे महापुरुषों और बाप दादाओं ने भी देश आजादी के लिए लडे़ थे।

फिर इनकी आवाज उठाने में ऐसे लोगों को शर्म लगती है। वह तो राजनैतिक रोटियाँ सेकने और जी हजूरी करने में मस्त है। दलित पिछड़ा समाज संगठन के प्रति प्रदेश महासचिव कमल सिंह कुशवाहा ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कहा कि संगठन के संस्थापक दामोदर सिंह यादव के नेतृत्व में दलित पिछड़ा समाज की आवाज उठाई जा रहीं है। वीर मनीराम अहिरवार जी के सम्मान दिलाने के लिए एवं उनकी जन्म भूमि पर विशाल स्मारक, मूर्ति व सामाजिक प्ररेणा केन्द्र जो कि बहुजन समाज के हितों के लिए हो जिसकी मांग की जायेगी। साथ देश की आजादी में जो भी शहीद हुए है उनके परिवारों को जो भी सुविधा प्रदान सरकार द्वारा की है। वैसे ही वीर मनीराम अहिरवार जी के परिवार को मिलनी चाहिए। शहीद सुपौत्र मूलचन्द मेंधोनिया को दलित पिछड़ा समाज संगठन के पदाधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि आपकी परिस्थिति इस लड़ाई में कमजोर नहीं होने दी जायेगी। संगठन पूरी तरह से शहीद की आवाज उठायेंगा।