पारिवारिक जीवन को सम्भालते हुए मनीषा इवने ने पी.एचडी की उपाधि हासिल की*

घोड़ाडोंगरी अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर अभयदेव इवने की धर्मपत्नी कि इस उपलब्धि से क्षेत्र में हर्ष

 

पारिवारिक जिम्मेदारी के साथ विषम परिस्थितियों में आगे बढ़ते शिक्षा के क्षेत्र में अध्यापन कार्य जारी रखते हुये घोड़ाडोंगरी की श्रीमती मनीषा इवने (उइके) ने पीएचडी की उपाधि बरकतउल्ला विश्व–विद्यालय भोपाल के रसायन शास्त्र विषय में शोधकार्य-

” नेचुरल जियोलाइटस् एण्ड देयर डेरिवेटिव्स विथ स्पेशल रिपरेन्स टू देयर एण्टीऑक्सीडेण्ट एण्ड एण्टीमाइक्रोबियल एप्लीकेशन्स”

में शोध निर्देशक प्रोफेसर डॉ. दिवा मिश्रा रसायन शास्त्र विभाग के अन्तर्गत शासकीय गीतांजली कन्या महाविद्यालय भोपाल के निर्देशन में पीएचडी शोध कार्य पूर्ण किया।

इस उपलब्धि का श्रेय अपने सास ससुर श्रीमती राधाबाई-स्व० श्यामरावजी इवने, मातापिता श्रीमती कलेसिया बाई-स्व० मोहनसिंह उइके, पति डाँ. अभयदेव इवने और मार्गदर्शक डॉ. दिवा मिश्रा सहित सभी शिक्षकों एवं गुरुजनों को दिया।

परिवार के सदस्यो श्री राहूलदेव, श्रीमती विजयलक्ष्मी, श्री उमेशदेव श्रीमती दिव्यादेवी इवने एवं मंथन, दिशा, युक्ति को को शोधकार्य के दौरान सहयोग करने पर आभार व्यक्त किया।

पीएचडी शोधकार्य पूर्ण करने पर डॉ. कीर्ति सिंह ठाकुर डाँ. पंचमसिह कवडे, डॉ. सुनील काकोड़िया, डाँ. गोलमन अहाके डॉ. प्रदीप उइके, डॉ. ज्योति बाधरी: डॉ. योगेश सलाम, श्री उमाशंकर उइके श्रीमती कविता उइके, रविशंकर उईके नीलेश उइके, श्रीमती मीना काकोड़िया, श्रीमती खुशबु धुर्वे श्रीमती कृष्णा उइके, श्रीमती मोना गावंडे, रूपेश सलाम , हरिराम उइके, श्रीमती प्रमिला सिरसाम( शिक्षिका) श्रीमती राजकुमारी सलामें, श्रीमती मोनिका वाड़िवा और शुभचिन्तको ने बधाई दी।