जन संघर्ष समन्वय समिति के बैठक सारनी मे हुई *
विकास के नाम पर जल, जंगल, जमीन, आजीविका और पर्यावरण की लूट के खिलाफ एकजुट हुए जनसंघर्षों के बैठक हुई
मध्य प्रदेश में विकास के नाम पर हो रहे विस्थापन और पर्यावरण विनाश के खिलाफ चल रहे विभिन्न आदोलन पर चर्चा वहीँ सारनी जिले मै स्थानीय मुद्दों मे बेरोजगारी स्थाई पट्टा वह आवाज की मांग रोजगार के साधन पर चर्चा हुई.इन सभी ने अपने क्षेत्रों में चल रहे संघर्षों के अनुभव और जरूरतों को साझा किया। बैठक में शामिल समिति के भोपाल से आये विजय सेन समाधान पाटिल ने बताया कि कथित विकास परियोजनाओं के कारण हजारों लोगों को जबरन विस्थापित किया गया है, आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में पिछले पांच वर्षों में लगभग 50,000 परिवार विभिन्न विकास परियोजनाओं के कारण विस्थापित हुए हैं। इनमें से अधिकांश को उचित मुआवजा या पुनर्वास नहीं मिला है। प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि वर्तमान विकास मॉडल के कारण स्थानीय समुदायों को जल, जंगल और जमीन से जबरन विस्थापित किया जा रहा है, जिससे न केवल उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है बल्कि बड़े पैमाने पर पर्यावरण का भी विनाश हो रहा है। हम सभी को एकदूसरे से सीखते हुए अपने संघर्षों को मजबूत करने और
मौजूदा विनाशकारी विकास के मॉडल को चुनौती देने की अवश्यकता है। प्रतिनिधियों ने कहा कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार जनसंघर्षों को कुचलने और साम्प्रदायिक आधार पर विभाजित करने के प्रयास कर रही है,यह समूह संघर्षरत समुदायों को समर्थन, तकनीकी, कानूनी और वैचारिक सहयोग देगा। अगले तीन महीनों में प्रदेश के सभी छोटे-बड़े संघर्षों की पहचान कर उन्हें जन संघर्ष समन्वय समिति से जोड़ा जाएगा। इसी प्रकार हर छह महीने में समन्वय समिति की बैठक आयोजित कर संघर्षों की प्रगति और चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। बैठक एड राकेश महाले भाई अजय सोनी नेता बताया की भाजपा सरकार की “कारपोरेट-परस्त नीतियों” और
साम्प्रदायिक विभाजन की राजनीति को खारिज करते हुए आम जनता को एकजुट करने का संकल्प लिया गया वही दूसरी तरफ अपने कारपोरेट मित्रों अडाणी-अंबानी को बड़े पैमाने पर कोयला एवं अन्य जीवाश्म ईधन के खनन का लाइसेन्स जारी कर रही है। बैठक मै अजय सरनकर दीपक सोनकर मुन्नालाल कापसेसुषमा महाजन किरण तायडे राहुल बेलवंशी भारतीय भुमरकर प्रीतम घूमर कर संतोष इवने दिलीप इवने साथी मौजुद थे
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