*स्कूली बच्चों को कराया भोपाली जंगल भ्रमण वनों और वन्यजीवों के बारे में दी जानकारी दी*

*वन विभाग ने किया अनुभूति कैंप का आयोजन*

Prakash sarathe

 

रानीपुर,,,,। मप्र इको पर्यटन विकास बोर्ड एवं उत्तर वन मंडल अधिकारी नवीन गर्ग के तत्वाधान में एवं उपवन मंडल अधिकारी अजय वाहन ने एवं परीक्षित अधिकारी झलकन शाह उईके के निर्देशन में अनुभूति कार्यक्रम का सफल आयोजन आयोजित किया गया एवं वन विभाग द्वारा स्कूली बच्चों में पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से 16 जनवरी को रानीपुर परिक्षेत्र के भोपाली के वन क्षेत्र में अनूभूति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जुवाड़ी, रानीपुर के शासकीय स्कूल के 126 बच्चों ने जंगल की सैर की और पर्यावरण का रहस्य जाना। बताया गया कि अनुभूति कार्यक्रम की जानकारी मध्यप्रदेश शासन की अनुभूति मॉनिटरिंग सिस्टम पर अपलोड की जाती है।
मैं भी बाघ हम है बदलाव की थीम पर गरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में रानीपुर एवं जुवाड़ी ग्राम के 2 शासकीय स्कूलों के करीब 126 छात्र-छात्राओं को भोपाली के जंगल का भ्रमण कराया गया। छात्रों को भ्रमण के दौरान पेड़ों की प्रजातियां, उनके महत्व, वन्य प्राणी और उनके व्यवहार के संबंध में विस्तृत से जानकारियां दी गई। मास्टर ट्रेनर रिटायर्ड डिप्टी रेंजर एल एल लोखंडे

प्रेरक बीट गार्ड कैलाश बारस्कर ने कार्यक्रम की शुरुआत में बच्चों को प्राकृतिक फानडका रोड स्थित भोपाली जंगल के किनारे भ्रमण करवाया। बच्चों ने जहां पक्षी दर्शन किया। देनेवा नदी का पानी किस तरह खेतों और नालों में जलापूर्ति करता है। कैसे,जंगल में पशु पक्षियों को साल भर पानी उपलब्ध कराते हैं और उनमें पानी कैसे आता है बच्चों को विस्तार से समझाया गया। बच्चों को तिनसा,धावड़ा,हर्रा ,बहेड़ा ,आंवला, जामुन,गूलर,बरगद,पीपल आदि पेड़ो की उपयोगिता पर रोचक ढंग से कहानी सुनाई गई। बच्चों को तेंदूपत्ता और महुआ के आर्थिक महत्व के बारे में बताया गया।बच्चों ने प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया को जंगल में प्रत्यक्ष रूप से समझा।बच्चों को घास के मैदान की उपयोगिता और मिट्टी के उपजाऊ होने में जंगल की भूमिका भी समझाई गई।बच्चों ने मिट्टी के अपरदन को समझा और उसके संरक्षण में घास,झाड़ी,पौधे और पेड़ों की क्या भूमिका है यह भी विस्तार से जाना।बच्चों को जंगल में रहने वाले जंगली जानवरों,सांपों के बारे में भी बताया गया और सर्पदंश की भ्रांतियों और उससे बचने के उपाय भी बताए गए।
वहीं छात्रों ने जंगल भ्रमण और उसके संबंध में मिली जानकारी के बारे में अपने अनुभव बताए जंगल भ्रमण के दौरान बच्चों को पक्षी दर्शन जंगल भ्रमण के साथ पत्थर चेक डेम आदि के बारे में बताया गया। वन परिक्षेत्र अधिकारी, झलकन शाह उईके परिक्षेत्र सहायक रानीपुर धनराज सोनारे शिवकुमार धुर्वे बाकूड़ परिक्षेत्र सहायक हवाल सिंह कासदे परिक्षेत्र सहायक बोड़ना मंगरु सिंह धुर्वे,परिक्षेत्र सहायक भोपाली शिवकुमार उइके, बीट गार्ड विशाल कवड़कर, मणिलाल भारती महेंद्र नागले कन्हैयालाल डोंगरे चंदन सिंह परते खेमकरण मरावी, अनिल डहेरिया, कैलास बारस्कर, सहित समस्त स्टॉप उपस्थित रहा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए चाय, नाश्ता सहित भोजन की व्यवस्था की गई।

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