विधायक के निज निवास पर जाकर सौंपा ज्ञापन

आज़ 14 दिसंबर को मध्यप्रदेश पेसा एक्ट शाहपुर, घोड़ाडोंगरी, चिचोली ब्लॉकों से पहुंचे ग्रामसभा मोबिलाइजरों ने क्षेत्रीय विधायक मैडम गीता/सज्जन सिंह उईके के निज निवास पर जाकर सौंपा ज्ञापन , केंद्रीय पंचायत राज्य मंत्रालय से पेसा एक्ट ग्रामसभा मोबिलाइजरों की 8000/- वेतन को निरस्त करने पर मध्यप्रदेश पेसा एक्ट संघ कमेंटी एवं जिला की पेसा कमेंटी के निर्देशानुसार सभी 89 ब्लाकों में 3 दिवसीय सामुहिक अवकाश घोषित करने को लेकर एवं हमारी मांगे कों लेकर जनपद पंचायतों में कार्यपालन अधिकारी सीओ.सर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जबकि मध्यप्रदेश में दरअसल आदिवासी बड़े लंबे समय से पेसा एक्ट की मांग कर रहे थे। जो मध्यप्रदेश में 15 नवंबर 2022 को लागू किया गया है,
पेसाअधिनियम 1996 में पंचायतों से संबंधित संविधान के भाग IX के प्रावधानों को अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तारित करने के लिए अधिनियमित किया गया था। इसमें एमपी सरकार ने कुछ संशोधन किए हैं। यह कानून देश में 24 दिसंबर 1996 को लागू किया गया था। एमपी के ही जनप्रतिनिधि दिलीप सिंह भूरिया की अध्यक्षता में बनाई गई समिति की अनुशंसा पर एक्ट तैयार हुआ था। इसके बावजूद एमपी में 2022 को पेसा एक्ट क़ानून लागू हुआ ।

15 नवंबर से राज्य में पेसा एक्ट लागू हो जाएगा। इस कानून का उद्देश्य है कि अनूसूचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लिए ग्राम सभाओं के माध्यम से स्वशासन सुनिश्चित करना। यह एक्ट कानूनी रूप से आदिवासी समुदायों को स्वशासन की अपनी प्रणालियों के माध्यम से स्वयं को शासित करने के अधिकार को मान्यता देता है। यह प्राकृतिक संसाधनों पर उनके पारंपरिक अधिकारों को स्वीकार करता है। ग्राम सभाओं के पास ही विकास योजनाओं को मंजूरी देने का अधिकार होता है। साथ ही सामाजिक क्षेत्रों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अधिकार देता है।

ग्राम सभा की ताकत बढ़ जाती
पेसा एक्ट के बाद ग्राम सभाओं की ताकत बढ़ जाती है। जल, जंगल, जमीन और संसाधन पर इनका अधिकार होता है। भूमि अलगाव को रोकेंगे। नशीले पदार्थों को नियंत्रित करना भी इनका काम होगा। इलाके में विकास कार्यों के लिए ग्राम सभा की मंजूरी जरूरी है। आदिवासियों पर केस करने से पहले पुलिस को ग्राम सभा को जानकारी देनी होगी। गांवों के विवाद को ग्राम सभा के स्तर पर सुलझाई जाएगी।

इसके साथ ही ग्राम सभाओं की शक्तियों में सांस्कृतिक पहचान और परंपरा का रखरखाव, आदिवासियों को प्रभावित करने वाली योजनाओं पर नियंत्रण रखना है। साथ ही गांव के अंदर प्राकृतिक संसाधनों पर भी नियंत्रण रखना है।

इसके साथ ही बाहरी और आंतरिक संघर्षों के खिलाफ अपने अधिकारों और परिवेश के सुरक्षा तंत्र को बनाए रखने में सक्षम बनाता है। ग्राम सभा को अपने गांव की सीमा के भीतर नशीले पदार्थों के निर्माण, परिवहन, बिक्री और खपत की निगरानी के साथ निषेध करने की शक्तियां प्राप्त होंगी।
पेसा एक्ट ग्रामसभा मोबिलाइजर संघ