*हर्ष भुसारी ने एसएसयूआई से बनाई दूरी, राष्ट्रीय स्तर पर हुए घेराव में भी नहीं पहुंचे ।*
बैतूल । प्रदेश एनएसयूआई द्वारा पूर्व में प्रदेश कार्यकारिणी का गठन हुआ था जिसमे युवा नेता हर्ष भुसारी को प्रदेश सचिव बनाया था। जिस दिन उन्हें प्रदेश सचिव के रूप में नियुक्त किया गया, उसी दिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया, जिससे राजनीतिक हलकों में कई सवाल उठने लगे थे। इस्तीफे के बाद भी उनकी जिले में पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रियता कम नहीं हुई थी।
लेकिन पिछले कुछ समय से हर्ष ने संगठन से दूरी बना रखी है ,हाल ही में एनएसयूआई द्वारा दिल्ली में हुए संसद घेराव में भी वो नहीं पहुचें।जिले में एनएसयूआई के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि भुसारी की सक्रियता हमेशा संगठन में नई ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत रही है। उनके द्वारा प्रदेश सचिव पद से इस्तीफे के बाद, संगठन में कई सवाल उठे हैं। विशेष रूप से जब राष्ट्रीय स्तर पर संगठन ने एक बड़ा आंदोलन किया था, तब भुसारी का इस घेराव में शामिल न होना उनके और संगठन के बीच की बढ़ती दूरी को स्पष्ट करता है।
हर्ष भुसारी ने 2020-21 में कोरोना काल में छात्र हितों में ऑनलाइन /ओपनबुक एग्जाम का मुद्दा उठाया था उस समय सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश भर के करीब 20,000 से ज़्यादा छात्रो उनसे जुड़े थे और इंदौर में उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में कई प्रदर्शन भी करवाए थे तब से हर्ष पार्टी के वरिष्ठ नेताओ की नज़र मे आए थे।
हर्ष भुसारी एनएसयूआई में करीब 8 साल से सक्रिय रहे है जिससे संगठन में हमेशा ऊर्जा और उत्साह का संचार किया था। संगठन, जो जिले में एक समय भुसारी की सक्रियता के चलते गतिशील था, अब बिना जोश और ऊर्जा के नजर आता है।
श्री भुसारी के इस फैसले ने जहां एक ओर राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना दिया है, वहीं दूसरी ओर संगठन के नेताओं के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है कि वे भुसारी की तरह के प्रेरक नेता की कमी को कैसे पूरा करेंगे।







