*डॉ. भीमराव अम्बेडकर कोचिंग के छात्र छात्राओं ने बाबा साहेब अंबेडकर का मनाया गया 68 महापरिनिर्वाण दिवस*
*डॉ. भीमराव अम्बेडकर कोचिंग के छात्र छात्राओं ने बाबा साहेब अंबेडकर का मनाया गया 68 महापरिनिर्वाण दिवस*
आज भारतीय संविधान निर्माता और भारत रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर की पुण्यतिथि पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। उनकी पुण्यतिथि पर 68 वां महापरिनिर्वाण दिवस मनाया जा रहा है। वहीं सतना जिला के अंबेडकर वार्ड नंबर 1 में विगत कई वर्षों से संचालित डॉक्टर भीमराव अंबेडकर कोचिंग सेंटर के छात्र छात्राओं के द्वारा बाबा साहब की छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई और कोचिंग सेंटर संचालक के द्वारा सभी छात्र छात्राओं को बाबा साहब की छायाचित्र एवं पिन भेट की और बच्चों ने बाबा साहब के जीवन पर चर्चा की कोचिंग संचालक राकेश कुमार बौद्ध ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का जन्म 14 अप्रैल 1891 में मध्य प्रदेश के महू में परिवार में हुआ था। बाबा साहब के पास 32 डिग्री 9
भाषाओं का ज्ञान था देश के सबसे बड़े विद्वान थे उन्होंने 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में एक ऐतिहासिक समारोह में बौद्ध धर्म अपना लिया और 06 दिसंबर 1956 को उनका महापरिनिर्वाण हो गया उस दिन पूरा देश रोया था । बाबा साहब को संविधान का जनक कहा जाता है और अमेरिका में डॉ॰ भीमराव अंबेडकर जी को ‘स्टैच्यू ऑफ़ इक्वेलिटी’ के नाम से जाना जाता है. यह अमेरिका के मैरीलैंड शहर में स्थित है और यह इंडिया से बाहर बाबा साहेब की सबसे ऊंची मूर्ति है. इसका अनावरण साल 2023 में किया गया था. यह मूर्ति 19 फ़ीट ऊंची है. साहब देश के प्रथम कानून मंत्री भी थे बाबा साहब ने पूरा जीवन दलितों, शोषितों और पिछड़ों को उनका अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने हमेशा मजदूर वर्ग व महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया। दलितों के मसीहा अंबेडकर महान चिंतक, समाज सुधारक, न्यायविद व अर्थशास्त्री भी थे।







