लगातार चार वर्षों से एकता दुर्गा उत्सव समिति में हो रही सुबह 5 बजे ब्रह्म मुहूर्त में मंशा देवी की आरती
माँ काली की मध्य रात्रि तो मां भगवती की हो रही ब्रह्म मुहूर्त में भव्य आरती
घोड़ाडोंगरी नगर के मध्य काली चौक नाम से प्रसिद्ध मोहल्ले में शरदीय नवरात्र पर भक्तजनों के द्वारा प्रतिदिन मध्य रात्रि मां काली की भव्य आरती का आयोजन किया जाता है
इस आरती में सैकड़ो की संख्या में लोग मां काली को मनाने पहुंच रहे हैं ,
काली माता की यह प्रतिमा लगभग 35 वर्षों से अधिक समय से काली चौक में स्थापित की जा रही है जो कि घोड़ाडोंगरी नगर की एकमात्र काली माता की प्रतिमा के रूप में मां भद्रकाली का पूजन किया जाता है ,काली माता उत्सव समिति के वरिष्ठ सदस्यों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से मां काली की छोटी बड़ी सुंदर प्रतिमाएं भक्तों के स्वयं प्रेरणा मन्नत मनोकामना पूर्ण होने पर अलग-अलग भक्तों के सहयोग से यहां बैठाई जाती है,
मां काली की प्रतिमा समिति को उपलब्ध कराने के लिए लोग पहले से ही अपना नाम समिति के पास लिख देते हैं इस मध्य रात्रि आरती आयोजन में बड़ी संख्या में नगर के सभी वर्ग के लोग अपनी उपस्थित लगाने पहुंचते हैं ,
भक्तों की माने तो मां काली की रात्रि आरती में साक्षात मां भगवती की कृपा अपने भक्तों पर निरंतर बरसती है ,
काली उत्सव समिति के सदस्यों ने नगर के भक्तों से विनम्र आग्रह किया है रात्रि 12 बजे होने वाली इस आरती में पधार रहे सभी भक्तजन अपने घर से ही घी का दीपक व आरती की थाली सजाकर मध्य रात्रि में उपस्थित हो ,
मां भगवती की उपासना के पवन नवरात्रों पर उत्सव समिति के सदस्यों व नगर के वरिष्ठजनों द्वारा बड़े ही भक्ति भाव प्रेम उत्साह उमंग से मां काली की आरती प्रतिदिन धूमधाम से की जा रही है।
इस आरती में पधार रहे सभी भक्त अपनी मनोकामना पूर्ण होती देख रहे हैं ,
भक्तों की माने तो मां भगवती की उपासना का सही समय नवरात्र की मध्य रात्री ही होती है इसीलिए इस उत्सव को रात्रि से जोड़ा गया है, वही एकता चौक घोड़ाडोंगरी में सुंदर मां भगवती दुर्गा माता की प्रतिमा स्थापित की गई है जहां प्रतिदिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में मां दुर्गा की आरती की जाती है इस आरती में एकता चौक सहित आसपास के सभी भक्तजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहते हैं इस बार मां भगवती की प्रतिमा भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र भी है इस आरती में एकता चौक दुर्गा उत्सव समिति के सदस्य प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में जागकर धूमधाम के साथ मां दुर्गा की संगीतमय आरती करते हैं ,
काली उत्सव समिति प्रतिवर्ष नवरात्र का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाने के उपरांत भव्य भंडारे का आयोजन भी करती है जिसमें नगर की माताएं बहने अपने हाथों से भंडारे का प्रसाद बनती हैं और मां काली को भंडारा समर्पण कर भक्तों में प्रसादी वितरण की जाती है ।। जितेंद्र मालवीय
घोड़ाडोंगरी
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