नगर परिषद घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में भी प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियां बन रही है और जिम्मेदार मौन है। हाई कोर्ट द्वारा प्रदूषण से बचाने के लिए प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियां बनाने पर प्रतिबंध लगा हुआ है फिर भी अधिक कमाई के लालच में भगवान गणेश की प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियां बनाई जा रही हैं। मूर्तियां उठाने पर हल्की नहीं लगे इसके लिए प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों में अंदर से मिट्टी लगा दी जाती है और जिनकी जिम्मेदारी है कि वह देखें की प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियां तो नहीं बना रहे ऐसे जिम्मेदार लोग मूर्तियां बनाने वाले स्थलों का निरीक्षण नहीं कर रहे हैं ।
कई श्रद्धालुओं ने बताया कि जब हम मूर्ति पसंद कर लेते हैं और लेकर आते हैं तो हमें बाद में पता चलता है कि हमें बेवकूफ बना दिया गया प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्ति पर अंदर की ओर मिट्टी लगाकर हमें बेवकूफ बनाया गया है। लेकिन भगवान गणेश के प्रति श्रद्धा के चलते जो मूर्ति पसंद कर लेते हैं उसे चुपचाप लेकर घर आ जाते हैं और 10 दिन पूजन के उपरांत विधि विधान से विसर्जन कर देते हैं लेकिन बरसों से जो लोग प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्ति बनाकर श्रद्धालुओं की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं उन पर रोक लगाने के लिए जिम्मेदारों को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
हाल ही में भैसदेही में शिकायत के बाद जिम्मेदारों ने इस तरह की मूर्तियां बनाने वालों पर कार्रवाई की लेकिन लोगों का कहना है कि जिम्मेदारों को स्वयं हर मूर्तिकार के यहां जाकर यह निरीक्षण करना चाहिए कि प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्ति बनाकर प्रदीप पर्यावरण और लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ तो नहीं किया जा रहा
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