जीवन में स्नेह और खुशी बांटने से बढ़ती है – डॉ सचिन परब

ब्रह्माकुमारीज में आयोजित खुशियों का पासवर्ड कार्यक्रम में पहुंचे गणमान्य नागरिक

बैतूल – क्षमा करना और क्षमा मांग लेना मन को शांति और खुशी प्रदान करता है। हम कई पुरानी बातों को अपने मन में गांठ बना कर रखते हैं और यही गांठे बाद में हमारे दुख का कारण बनती है । इससे अच्छा है सामने वाले को क्षमा कर दे और बातों को भूल जाए साथ ही यह भी आवश्यक है कि अगर हमने कोई गलती की हो तो उसके लिए सामने वाले व्यक्ति से क्षमा मांग ले। ऐसा करने से हमारा मन हल्का होता है और खुशियों का दरवाजा खुल जाता है। ऐसा करके हम स्वयं भी खुश रह सकते हैं और सामने वाले को भी खुशी दे सकते हैं। आज सांसारिक जीवन में कई ऐसी

परिस्थितियों निर्मित होती है जो हमारे वश में नहीं होती है इसके लिए हमें धैर्य रखकर मन को नकारात्मकता से बचाना होगा ताकि हमारा आत्मबल बना रहे। यह बातें मुंबई से पधारे कॉरपोरेट ट्रेनर और लाइफ कोच डॉक्टर सचिन परब ने ब्रह्मा कुमारीज के भाग्य विधाता भवन में आयोजित दो दिवसीय सेमिनार *खुशियों का पासवर्ड* में बताई। जिसमें श्रोताओं की भीड़ देखने को मिली। कार्यक्रम के दोनों ही दिन भाग्य विधाता भवन के सेमिनार हॉल में बैतूल के कई गणमान्य नागरिक डॉक्टर सचिन परब को सुनने के लिए पहुंचे तथा सभी ने कार्यक्रम का भरपूर लाभ उठाया। हंसी-हंसी में ही डॉक्टर सचिन परब ने लोगों को कई ऐसे तरीके बताएं जिसको अपना कर जीवन आसान बन सकता है। कार्यक्रम के पश्चात लोगों को ईश्वरी प्रसाद भी वितरित किया गया।

कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताते हुए ब्रह्मा कुमारीज बैतूल की प्रमुख मंजू दीदी ने बताया की बहुत समय से डॉक्टर सचिन को बैतूल बुलाने का प्रयास था जो असफल हुआ तथा दो दिन के इस सेमिनार में लोगों को बहुत सी नई बातें सीखने को मिली जिसके द्वारा उनको अपने जीवन में आने वाली परिस्थितियों व्यक्तियों को किस तरह रेस्पॉन्ड करना है यह सीखने को मिला। *राजयोग है सफलता की कुंजी*

कार्यक्रम के पश्चात अंत में डॉक्टर सचिन परब ने सभी को राजयोग मेडिटेशन की प्रैक्टिस कराई तथा बताया की राजयोग हमारी पारिवारिक, सामाजिक तथा व्यावसायिक जीवन के लिए कितना आवश्यक है। डॉक्टर सचिन ने बताया कि मेरी जीवन में भी सफलता पाने का राज रोजाना आध्यात्मिक पढ़ाई तथा राजयोग का अभ्यास है । अगर आप भी सफल और खुशहाल जीवन जीना चाहते हैं तो ब्रह्माकुमारी इसके सेवा केंद्र पर आकर इस राजयोग को निशुल्क रूप से सीख सकते हैं। ब्रह्मकुमारी बहनों ने कार्यक्रम के अंत में ब्रह्मा कुमारीज बैतूल के किसी भी सेवा केंद्र पर जाकर केवल 1 घंटे का समय निकालकर राजयोग सीखने का आग्रह किया।

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