महत्वपूर्ण निर्देश : निजी अस्पतालों की मनमानी पर लगाया अंकुश
राशि बकाया होने पर भी शव देने से मना नहीं कर सकेंगे, घर तक भी निशुल्क पहुंचाकर देंगे
मध्यप्रदेश शासन लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल, म.प्र. के डॉ. सुदाम खाडेआयुक्त सह सचिव स्वास्थ्य, मध्य प्रदेश भोपाल ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा शवों की गरिमा के संबंध में दिए निर्देश के पालन हेतु अध्यक्ष,म.प्र. नर्सिंग होम एसोसिएशन, म.प्र. को निर्देश जारी किए हैं
जिनके अनुसार अब निजी अस्पताल में किसी की मृत्यु होने पर राशि बकाया होने पर भी अस्पताल वाले परिजनों को शव देने से मना नहीं कर सकते । घर तक निशुल्क शव को पहुंचाकर भी देना होगा। माननीय राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोगा का प्रकरण क्र. 312/90/0/2023 में पारित अनुशंसा विषयांतर्गत लेख है कि माननीय राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा कोविड परिदृश्य में शवों के परिवहन एवं संरक्षण के संबंध में प्रतिवेदित कमियों के संबंध में स्वतः संज्ञान लेते हुए निर्देश पारित किया गया है।
उपरोक्त को दृष्टिगत रखते हुए निजी अस्पतालों में उपचारत रोगी के मृत्यु होने तथा लावारिस शवों के संरक्षण हेतु निम्नानुसार निर्देश दिए जाते है:
1. निजी अस्पताल में उपचाररत रोगियों की मृत्यु होने पर परिजनों द्वारा शव प्राप्त न करने तक तथा शव की गरिमामयी एवं आवश्यकता अनुसार शीत-संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
2. लावारिस शवों के संबंध में उचित सूचना निकटस्थ थाना प्रभारी को देते हुए शव की प्राप्ति तक ऐसे शवों का उचित शीत संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
3. निजी अस्पताल में मृत्यु होने के पश्चात् परिवार की आवश्यकता अनुसार मृतक के परिवहन हेतु उचित व्यवस्था की जाए। इस हेतु स्थानीय नगरीय निकाय से समन्वय स्थापित कर शव परिवहन की निःशुल्क व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
4. चिकित्सकीय देयकों के भुगतान के अभाव में मृतक के शव को बंधक बनाए जाने की सूचना प्राप्त होने पर विभाग द्वारा संबंधित निजी अस्पताल के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
निर्देशित किया जाता है कि उपरोक्त अनुसार निर्देश प्रदेश के समस्त निजी अस्पताल संचालकों को अपने स्तर से प्रसारित करने का कष्ट करें। उपरोक्त पत्र एन.एच.एस. पोर्टल पर पंजीबद्ध ई-मेल आई.डी. के माध्यम से भी समस्त निजी अस्पताल के संचालकों को प्रसारित किया जा रहा है।







