जबलपुर से आई बहू ने पार्षद बन बीड़ा उठाया इस वार्ड का
जबलपुर से आई बहू ने पार्षद बन बीड़ा उठाया इस वार्ड का
(घोड़ाडोंगरी )
अपने वार्ड में डामरीकरण के घटिया निर्माण का खुला विरोध कर रोड उखड़वाकर चर्चा में आई नेहा
देश और प्रदेश की ऐसी कई महिला जनप्रतिनिधियों जिन्होंने सरकारी संसाधनों और अपनी हिम्मत से बदली तस्वीर ऐसी ही घोड़ाडोंगरी नगर परिषद की पार्षद हैं नेहा दीपक उइके जिनकी चर्चा आजकल एक जागरूक जनप्रतिनिधि के तौर में होती है,क्योंकि पिछले दिनों घटिया निर्माण कार्य का खुला विरोध कर स्थानीय विधायक और जनता के साथ मिलकर डामरीकरण रोड को पुनः उखड़वाने के आदेश करवा कर सरकारी कार्यालय में भृष्ट सिस्टम को घुटने टेकने में मजबूर कर दिया है
माँ नर्मदा की नगरी जबलपुर से घोड़ाडोंगरी में बिहाई नेहा ने अपने पहले ही चुनाव में जीत दर्ज कर अपने कार्य क्षेत्र की तस्वीर बदलने का बीड़ा उठाया है । एक महिला जनप्रतिनिधी अपने कार्य क्षेत्र की तस्वीर कैसे बदल सकती है इसका उदाहरण आपको नेहा उइके की कार्य करने को कार्यशैली देखने के बाद समझ आएगा
” अंग्रेजी में एक कहावत है अगर आप एक पुरुष को पढ़ाते हैं तो आप एक व्यक्ति को पढ़ाते हैं। अगर अपनी बेटी को पढ़ाते हैं तो पूरे परिवार को पढ़ाते हैं, और अगर आपका जनप्रतिनिधि पढ़ा-लिखा है तो वो पूरे कार्यक्षेत्र को जागरूक करता है।” ये कहना है जबलपुर से आई घोड़ाडोंगरी की बहू बनी तेज तर्रार पार्षद नेहा दीपक उइके का
नेहा जहां समझदारी से बोलती ही हैं साथ ही निडर होकर अधिकारियों से मिलती जुलती भी हैं। इनकी कोशिश रहती हैं कि हर सरकारी योजना का लाभ इनके वार्ड के लोगों को मिल सके।
नेहा ने उच्च शिक्षा जबलपुर से प्राप्त किया है, अभी एमबीए कर रही है इसी कारण नेहा को किसी भी अधिकारी से बेधड़क बात करना पसंद है।।
नेहा उइके की खासियत है कि वो लगातार अपने वार्डो में महिलाओ से मिलकर बैठक करके उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनती हैं
नेहा उइके से जब चर्चा की गई तो उन्होंने ने बताया कि, “हमारी पहली प्राथमिकता रही है कि हर व्यक्ति का राशनकार्ड, बैंक अकाउंट,हो उन्होनें बताया की इस समय हमारे वार्ड का कोई भी बच्चा अभी कुपोषित नहीं है। महीने में दो से तीन बार हेल्थ को लेकर में वार्ड की महिलाओं से चर्चा करती हूं
हमारी कोशिश है कि हमारे वार्ड का हर व्यक्ति स्वस्थ्य रहे।”
नेहा उइके अपने वार्ड के लोगो की चहेती हैं क्योंकि
वार्ड का कोई भी काम नेहा अपनी मर्जी से नहीं करती हैं। , नेहा ने बताया कि”हमने परिषद में कोई भी काम अलग से नहीं किया, सिर्फ सरकारी योजनाओं को सही से लागू करवाया है। हम बैठक में जो भी निर्धारित करते हैं वही काम होता है। डेढ़ साल में बहुत ज्यादा विकास तो नहीं करवा पाए हैं क्योंकि जब में पार्षद बनी थी उस समय वार्ड की सड़क खराब थी,नाली नही थी इसलिए पहले सड़क और नाली के काम को प्राथमिकता दी गई और जब इसमे भृष्टाचार हो रहा था तो विधायक श्रीमती गंगा उइके जी के सहयोग और वार्ड वासियों के साथ खुलकर विरोध भी किया”
आगे हमारा प्रयास रहेगा कि सरकार ,विधायक श्रीमति गंगा उइकेजी,और मेरे ससुर श्री रामजीलाल उइके जी,गीता उइकेजी का सहयोग लेकर महिलाओं के लिए सिलाई सेंटर, और चरखा केंद्र खुलवाये। साथ ही बच्चों के लिए तमाम तरह की गतिविधी हों जिससे उन्हें अच्छी सुविधाएँ मिल सकें।”
नेहा ने बताया कि मेरी कोशिश है कि ” वार्ड के विकास को लेकर निरन्तर बैठक हो और उस बेठक में महिलाएं ज्यादा शामिल हों महिलाओं की भागीदारी कामों में ज्यादा से ज्यादा रहे जिससे उनकी जानकारी बढ़े और वो अपने आप को सशक्त महसूस करें।”
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