ढाई किलो से अधिक नही होना चाहिए प्राइमरी के बच्चो का बैग :आयुक्त लोक शिक्षण मध्यप्रदेश

सप्ताह में एक दिन बिना बैंग के जाएंगे बच्चे स्कूल

जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी समय-समय पर कराये जांच

अनुभा श्रीवास्तव आयुक्त लोक शिक्षण मध्यप्रदेश ने बच्चों पर बढ़ते स्कूल बेग के बोझ को कम करने के लिए निर्देश जारी किए हैं । पहले से 12वीं तक के बच्चों के बेग का वजन कितना होना चाहिए इसको लेकर मापदंड निर्धारित किए गए हैं ।जिसमें दूसरी तक के बच्चे के लिए अधिकतम 2 किलो 200 ग्राम की सीमा निर्धारित की गई है। तीसरी से पांचवी तक के बच्चों के लिए अधिकतम ढाई किलो की सीमा निर्धारित की गई है ।

 

छठवीं सातवीं के लिए 3 किलो आठवीं के लिए 4 किलो और नौवीं दसवीं के लिए अधिकतम साढ़े 4 किलो की सीमा का निर्धारण किया गया है।

बच्चों के बेग का वजन कितना होना चाहिए इसको लेकर स्कूल के नोटिस बोर्ड पर वजन का चार्ट प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं । शाला प्रबंधन समिति से स्कूल बैग पॉलिसी 2020 के निर्देशों का पालन करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी की भी जिम्मेदारी तय की गई है कि वह जांच कराएंगे की निर्धारित सीमा में स्कूल बैग पॉलिसी के निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं ।

जाने क्या दिए निर्देश

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन हेतु “स्कूल बैग पॉलिसी 2020” के पालन हेतु समस्त शासकीय / अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त शालाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के बस्ते का बोझ कम करने के संबंध में राज्य शासन स्कूल शिक्षा विभाग के संदर्भित आदेश क्रमांक-1 की प्रति संलग्न है का अवलोकन किया जाए।

बस्ते का बोझ करने के संबंध में पूर्व के समस्त निर्देश निरस्त करते हुए राज्य शासन कूल शिक्षा द्वारा दिनांक 29.08.2022 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की दृष्टि से भारत सरकार द्वारा निर्धारित स्कूल बैग पॉलिसी 2020 के परिपालन में स्कूल बैग हेतु आदेश प्रसारित किये हैं जिसमें कक्षावार बस्ते के वजन की सीमा का निर्धारण निम्नानुसार है।

अन्य निर्देश निम्नानुसार है:-

1. प्रत्येक शासकीय/अशासकीय / अनुदान प्राप्त विद्यालयों के नोटिस बोर्ड पर बरते के वजन का चार्ट प्रदर्शित किया जाए।

2. कक्षा 2 के विद्यार्थियों को गृह कार्य नहीं दिया जाए, कक्षा 3 से 5वीं तक के विद्यार्थियों को प्रति सप्ताह 2 घंटे, कक्षा 6वीं से आठवीं तक प्रतिदिन 1 घण्टे तथा कक्षा 9वीं रो 12वीं तक के विद्यार्थियों को प्रतिदिन 2 घंटे का ही गृह कार्य दिया जाए।

3. शाला प्रबंधन समिति के द्वारा ऐसी समय-सारणी तैयार की जाए, जिससे विद्यार्थियों को प्रतिदिन सभी पुस्तकें / अभ्यास पुस्तिकाएं/कॉपियां नहीं लानी पड़े और बरते का वजन निर्धारित सीमा से अधिक न हो।

4. शाला प्रबंधन द्वारा कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिये अभ्यास पुस्तिकाएं, वर्कधुक एवं अन्य आवश्यक सामग्री को शाला में ही रखने की व्यवस्था की जाए।

5. कम्प्यूटर, नैतिक शिक्षा, सामान्य ज्ञान, स्वास्थ्य शारीरिक शिक्षा खेल एवं कला की कक्षाएं के लिये कक्षाएं बिना पुस्तकों के ही लगाई जाए।

6. विद्यालयों में सप्ताह में एक दिन बैग विहीन दिवस के रूप में निर्धारित किया जाए। विद्यालयों में इस दिवस व्यवसायिक कार्यानुभव से संबंधित गतिविधियां संपन्न कराई जाएं।

7. विद्यार्थी के बस्ते का वजन निर्धारित सीमा में ही है इस हेतु जिले के जिला शिक्षा अधिकारी प्रत्येक तीन माह में शासकीय/अशासकीय/अनुदान प्राप्त विद्यालयों में अध्यनरत विद्यार्थियों के स्कूल बैग की जांच करायेंगे जांच में निर्धारित सीमा से बैग का वजन अधिक पाए जाने पर विद्यालय प्रबंधन से स्कूल बैग पॉलिसी-2020 के उक्त निर्देशों का पालन कराना सुनिश्चित करेंगें।

शैक्षणिक सत्र 2024-25 निकट भविष्य में प्रारंभ हो रहा है। अतः राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत भारत सरकार मानव संसाधन विकास मंत्रालय स्कूल शिक्षा एंव साक्षरता विभाग द्वारा जारी “स्कूल बैग पॉलिसी 2020” के संबंध में राज्य शासन के संदर्भित आदेश के अनुक्रम में प्रदेश के समस्त शासकीय/अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त शालाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के बस्ते का बोझ कम करने के संबंध में उक्त निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। संलग्न उपरोक्तानुसारः