छठवें दिन की कथा में गणेश जी और कार्तिकेय जी का आया वर्णन

पंडित शास्त्री जी द्वारा व्यास पीठ से किया गया रुद्राक्ष वितरण
हवन पूजन भंडारे के साथ होगा सातवें दिन कथा का समापन
घोड़ाडोंगरी:- छठवें दिन की कथा में भगवान शिव पार्वती विवाह के पश्चात आगे की कथा कहते हुए पंडित शास्त्री जी ने मां पार्वती को लेकर पतिव्रता स्त्री के बारे में भी बताया पंडित जी ने बताया कि किस तरह एक स्त्री को अपने पति वृत्त धर्म का पालन करना चाहिए।

पंडित शास्त्री जी ने भगवान शिव गणेश और कार्तिकेय जी के बारे में बताया शास्त्री जी की कथा के अनुसार जहां भगवान शिव और भगवान गणेश की बात आती है वहां पुत्र द्वारा माता-पिता के सम्मान की बात भी आती है इसी बात को आगे बढाते हुए पंडित शास्त्री जी कहते हैं कि सभी लोग अपने बच्चों को पढ़ाई लिखाई के साथ ही संस्कार भी दे जिससे वृद्धाश्रम ना खुले आजकल की फिल्मों के बारे में पंडित जी ने कहा कि आजकल ऐसी फिल्में बन रही है की पिता पुत्र परिवार साथ में बैठकर देख नहीं सकते और इसी का प्रभाव आज हमारे बच्चों पर पढ़ रहा है सनातन धर्म

इसका विरोध करता है इसलिए अपने बच्चों को सिखाओ कि वह माता-पिता की सेवा करें पैर दबाए गुरुजनों की सेवा करें बड़ों की आज्ञा का पालन करें अगर यह शिक्षा आज हम अपने बच्चों को नहीं देते हैं तो इसमें पूरी गलती माता-पिता की होती है बच्चों को सिखाएं कि वह रामायण पड़े ज्यादा नहीं दो-चार दोहे रोज पड़े आज रामायण तो 100% घरों में होती है लेकिन पढ़ने वाले मात्र दो परसेंट घर है जहां पर रोज रामायण पढ़ी जाती है।

कथा विराम के बाद पंडित शास्त्री जी द्वारा व्यास पीठ से लगभग 7- 8 सौ रुद्राक्ष का वितरण किया गया।
गौरतलब है कि 10 फरवरी से प्रारंभ हुई शिव महापुराण कथा का कल सातवें दिन हवन पूजन भंडारे के साथ समापन होगा पिपलेश्वर महादेव सेवा समिति कल 16 फरवरी को सभी शिव भक्तों से भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने हेतु निवेदन करती है।

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