तृतीय दिवस की कथा श्रवण करने पहुंचे सैकड़ों शिवभक्त

घोड़ाडोंगरी:- पिपलेश्वर महादेव मंदिर के वार्षिक उत्सव आयोजन में चल रही शिवमहापुराण की कथा के आज तीसरे दिन भगवान शिव के प्रसाद के विषय मे बताया गया कि भोलेनाथ पर प्रसाद सीधे चढ़ाया हुआ हो जो शिवलिंग से छुआया गया हो तो वह प्रसाद नही लेना चाहिए प्रसाद अगर किसी बर्तन में रखकर चढ़ाया हुआ हो तो सभी लोग ले सकते हैं।

कथा को आगे सुनाते हुए प. शास्त्री जी द्वारा बताया कि पहले घरों में मंदिर नही होते थे तब लोग देवालय जाकर पूजा करते थे लेकिन कुछ राक्षसों द्वारा जब मंदिरों को तोड़ा गया तब संत महात्माओं द्वारा घरों में मंदिर का निर्माण कराया जाने लगा।
आगे उन्होंने बताया कि संसार के सारे तीर्थ बेलपत्र के पेड़ के मूल में समाया हुआ है इसलिए ज्यादा से ज्यादा बेलपत्र के लगाओ।
भोलेनाथ की आरती के बारे में बताया कि शिव की आरती केवल शिव की आरती नही अपितु त्रिदेव की है ब्रह्मा विष्णु सदाशिव तीनो ही आरती में शामिल हैं

पिपलेश्वर महादेव मंदिर में चल रही महाशिवपुरान में शिवभक्तों द्वारा तन मन धन से सहयोग कर कार्यक्रम को सफल बनाया जा रहा हैं

Comments are closed.