प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दोपहर लगभग 12 बजे श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे

इस ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा समारोह में देश के सभी प्रमुख आध्यात्मिक और धार्मिक संप्रदायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। समारोह में विभिन्न जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधियों सहित सभी क्षेत्रों के लोग भी हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री इस विशिष्ट सभा को संबोधित करेंगे।
श्री मोदी श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से जुड़े श्रमजीवियों के साथ संवाद करेंगे। वह कुबेर टीला भी जाएंगे, जहां भगवान शिव के प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है। वह इस पुनर्निर्मित मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना भी करेंगे।
अयोध्या में बहुप्रतीक्षित राम लला प्राण प्रतिष्ठा समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस ऐतिहासिक समारोह में देश का नेतृत्व करेंगे। भगवान राम की नगरी में होने वाले इस भव्य आयोजन में हर वर्ग के लोग शामिल हो रहे हैं। इस भव्य आयोजन के लिए रामनगरी में हजारों साधु-संतों तथा श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा प्रसार भारती ने श्री राम लला प्राण प्रतिष्ठा समारोह के सीधे प्रसारण के लिए व्यापक व्यवस्था की है। दूरदर्शन समूचे कार्यक्रम का दूरदर्शन समाचार और दूरदर्शन राष्ट्रीय चैनलों पर सीधा प्रसारण करेगा।
अयोध्या में राम की प्राण प्रतिष्ठा समारोह की पूर्व संध्या पर सीताजी के मायके जनकपुर में धूमधाम से इंतजार किया जा रहा है और नेपाल के मधेश प्रदेश में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जानकी मंदिर ट्रस्ट के उपमहंत राम रोशन दास ने बताया कि जनकपुर में राम लीला का आयोजन किया जा रहा है, राम कथा पाठ चल रहा है और 22 जनवरी को मंदिर में एक लाख पच्चीस हजार मिट्टी के दीपक जलाये जायेंगे। अयोध्या में राम की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर जनकपुरवासी काफी उत्साहित हैं। स्थानीय रितेश झा ने बताया कि उनका पूरा परिवार कल अपने घर पर दीपावली मनाने जा रहा है।
जनकपुर की एक अन्य निवासी बबीता कुमारी ने कहा कि वह कल जानकी मंदिर में पूजा करेंगी और अपने घर में मिट्टी के दीपक जलाएंगी। पूरा जनकपुर राम भजन से सराबोर है। इससे पहले भक्ति के भाव में भगवान राम के लगभग 500 अनुयायियों ने नेपाल के जनकपुर धाम राम जानकी मंदिर से भारत के अयोध्या तक यात्रा की। विश्व हिंदू परिषद द्वारा जनकपुर से अयोध्या तक आयोजित इस यात्रा में जनकपुर से श्री राम और माता जानकी के लिए 3 हजार से अधिक अद्वितीय उपहार आये थे जिसमें पैसे, कपड़े, जूते, गहने, फल, मिठाई, सोना और चांदी शामिल थे। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार त्रेता युग में मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को जनकपुर में राम और सीताजी का विवाह हुआ था, जिसे ‘विवाह तिथि पंचमी’ के रूप में मनाया जाता है।







