रेत का खेल: डेढ़ सौ रुपए शिवसागर वाले ले रहे एंट्री और ₹700 ले रहे ठेकेदार के लोग , जिम्मेदार मौन

बाँसपुर में फारेस्ट क्षेत्र से हो रहा अवैध उत्खनन

घोड़ाडोंगरी तहसील क्षेत्र के बासपुर में रेत का खेल कुछ ऐसा चल रहा है कि शिवसागर की तवा नदी से अवैध रूप से रेत का उत्खनन हो रहा है । जिसमें जिनकी दबंगई चल रही है मजे मार रहे हैं । शिवसागर की रेत खदान शासन द्वारा अधिकृत रूप से जारी नहीं की गई है ।

जिसकी कोई रॉयल्टी किसी के पास नहीं है, उसके बावजूद रेत का अवैध खनन हो रहा है । पुनर्वास कैंप के दबंग लोग गांव वालों के नाम पर ट्रैक्टर वालों से डेढ़ सौ रुपए प्रति ट्राली के हिसाब से एंट्री लेते हैं और सालों से वसूला जा रहा यह गांव का कर कहां जाता है किसी को पता नहीं चलता।

गांव के नाम पर कर वसूलने वाले लोग अधिकारियों के आते ही रफू चक्कर हो जाते हैं। घंटे आधे घंटे अधिकारी रहते हैं। तब तक सन्नाटा छाया रहता है ।अधिकारियों के जाने के बाद रात और दिन यह रेत के नाम वसूली का खेल चल रहा है । जिसको लगाम लगाने में जिम्मेदार मोन बैठे हैं।

अब एक और नया खेल बासपुर रेलवे गेट के पास ठेकेदार के कर्मचारी कर रहे हैं । यह प्रति ट्राली ₹700 के हिसाब से वसूली करते हैं और गाड़ी पकडॉने पर छुड़ाने की गारंटी देते हैं। लेकिन रॉयल्टी दोनों में से कोई नहीं देता। कुल मिलाकर घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में शिवसागर डुलारा क्षेत्र में रेत का खेल चल रहा है। अब रेत माफिया वन विभाग के अयोध्या तवा क्षेत्र से भी रेत कर खनन कर रहा है।

घोड़ाडोंगरी नगर में और आसपास के गांव में रेत के बड़े-बड़े स्टॉक लगे हुए हैं लेकिन जिम्मेदार मोन है।

बाँसपुर में भी रेत का अवैध उत्खनन जोरों पर है सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बाँसपुर के वन क्षेत्र से रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है मिली जानकारी के मुताबिक बाँसपुर से डुलारा जाने वाले तवा नदी के रास्ते में वन विभाग के ओध्या क्षेत्र  से रेत का अवैध उत्खनन रात और दिन हो रहा है पहले भी वन विभाग में यहां पर कार्रवाई करते हुए तीन ट्रैक्टर ट्रॉली रेत की जप्त की थी रेत माफिया फिर सक्रिय हो गया है और बाँसपुर क्षेत्र से रेत का  अवैध उत्खनन चल रहा है

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