सीएम राइज कन्या हायर सेकेंडरी ,उत्कृष्ट स्कूल व मॉडल स्कूल में वैज्ञानिक, नवाचार उद्यमिता की सोच विकसित करने के लिए अभियान शुरू
बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी विकासखंड के सीएम राइज कन्या हायर सेकेंडरी ,उत्कृष्ट स्कूल व मॉडल स्कूल में वैज्ञानिक, नवाचार उद्यमिता की सोच विकसित करने के लिए अभियान शुरू
– घोड़ाडोंगरी विकासखंड के सीएम राइज कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल से ब्लॉक के 3 स्कूलों में साइंस, टेक्नोलॉजी और उद्यमिता पर आयोजित किए जा रहे हैं सत्र – सर्च एंड रिसर्थ डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा भारत सरकार के विज्ञानं एवं प्रोद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से अभियान
30 दिसंबर 2023, घोड़ाडोंगरी
घोड़ाडोंगरी ।मध्यप्रदेश के युवाओं और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक, नवाचार और उद्यमिता की सोच विकसित करने के लिए भारत सरकार के सहयोग से बैतूल जिले के विकासखंड घोड़ाडोंगरी के सीएम राइज कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल से जागरुकता अभियान की शुरुआत की गई प्राचार्य श्री विवेक तिवारी छात्र/छात्राओ को अच्छी शिक्षा के साथ व्यावसायिक पाठ्यक्रम सहित संस्था में नवाचार विकसित करते रहते है। इसके अंतर्गत स्कूलों में साइंस, टेक्नोलॉजी और उद्यमिता पर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें सीएम राइज कन्या हायर सेकेंडरी,उत्कृष्ट विद्यालय,मॉडल स्कूल के कक्षा 9 से 12 के 650 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए । साथ ही सक्रिय जन भागीदारी और जनजागरूकता, जन सामान्य के बीच सार्वजनिक कार्यक्रमों, अभियानों और विचार-विमर्श के जरिए स्थानीय समस्याओं को दूर करने के लिए स्टार्टअप आइडिया खोजे जाएंगे।
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा प्रदेश के 4 जिलों- नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा और हरदा के आदिवासी क्षेत्रों में यह कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसाइटी विगत 13 वर्षों से विज्ञान एवं तकनीकि संचार एवं उद्यमिता विकास के क्षेत्र में कार्य कर रही है। अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों के बीच साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेटिव कम्युनिकेशन को बढ़ाते हुए उनकी प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल और निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना है।
स्कूलों से बेस्ट आइडिया चुने जाएंगे सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसाइटी की फाउंडर डॉ. मोनिका जैन ने बताया कि केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया स्कीम और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए स्कूली बच्चों को साथ जोड़ा है। हर जिले के 8 से 10 स्कूलों में विशेषज्ञों के एक दिन ऑफलाइन और 7 दिन ऑनलाइन सत्र रखे गए हैं। विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं के आधार पर 5 थीम दी जाएंगी, जिसके समाधान के लिए उनसे आइडिया लिए जाएंगे। शिक्षक और स्टार्टअप्स एक्सपर्ट हर स्कूल से टेस्ट और इंटरव्यू द्वारा दो-दो टीमें चुनेंगे। प्रत्येक टीम के 4 से 5 विद्यार्थी होंगे। सिलेक्टेड टीम (विद्यार्थी) का एक सप्ताह तक एक्सपर्ट के साथ नियमित इंटेरेक्टिव सेशन होंगे।
बिजनेस में बदले जाएंगे विद्यार्थियों के आइडिया
कुछ बेस्ट आइडिया का चयनित कर इन्हें बिजनेस में कन्वर्ट करने के लिए छात्रों को मेंटोरशिप दी जाएगी। स्टूडेंट को स्टार्टअप इकोसिस्टम का परिचय, स्टार्ट-अप डेवलपमेंट, लाइफ साइकिल स्टेज, आरंभ करने के लिए सामान्य दिशानिर्देश, एक स्टार्टअप की वैधानिकताओं का परिचय, अनुदान, इन्क्यूबेशन, और एसेसलेरेशन (त्वरण) कार्यक्रम तथा स्टार्टअप फंडिंग स्टेज पर विस्तार से जागरूक किया जाएगा। इस सत्र के बाद सेलेक्टेड टीमें एक्सपर्ट के सामने अपने आइडिया की पिचिंग करेंगे। इनमें सेलेक्टेड पहले तीन आइडिया को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा। इन चयनित और पुरस्कृत टीमों को भारत सरकार द्वारा आयोजित किए जाने वाले राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में भाग दिलाया जाएगा।
अभियान से क्या मिलेगा?
– छात्र, युवाओं के लिए “नवाचार एवं वैज्ञानिक अभिरूचि प्रेरणा केन्द्र” की शुरुआत। यह नवाचारी सोच को बढ़ावा देगा और छात्र ,युवाओं के रचनात्मक विचारों को धरातर पर उतारने में मदद करेगा। – युवा स्किल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, स्टार्ट-अप इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए सक्षम बनेंगे। – जनजातीय क्षेत्रों की छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान और जीवन को सरल बनाने के लिए युवाओं को प्रेरित कर ग्रामीण और कस्बाई स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जा सकेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राचार्य श्री विवेक तिवारी, सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसाइटी भोपाल की चेयरपर्सन डॉ. मोनिका जैन ,उपाध्यक्ष डॉ राजीव जैन, सचिव डॉ. अनिल सर्वैया डॉ. आदिल बेग सहित स्कूल के शिक्षक,शिक्षिकाओ की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।
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