विषेष न्यायालय, (पॉक्सो एक्ट) 2012 बैतूल (म.प्र.), ने 14 वर्षीय नाबालिग युवती के साथ घर में घुसकर छेड़छाड़ करने वाले आरोपी संतोष पिता भाकरया कोरकू, उम्र-35 वर्ष, निवासी-थाना बैतूल बाजार, जिला बैतूल (म.प्र.) को दोषी पाते हुए, धारा 8 पॉक्सो एक्ट समाहित धारा 354 भादवि में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2,000रू. जुर्माना तथा धारा 457 भादवि में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2,000रू. के जुर्माने से दण्डित किया गया। प्रकरण में म.प्र. षासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी श्री एस.पी.वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/अनन्य विषेष लोक अभियोजक श्री ओमप्रकाष सूर्यवंषी द्वारा पैरवी की गई।
घटना का विवरण इस प्रकार है कि पीड़िता के द्वारा आरक्षी केन्द्र बैतूल बाजार में इस आषय की रिपोर्ट लेख करायी कि वह कि वह कक्षा आठवीं में पढ़ती है, दिनांक 02-03-2016 को पढ़ाई करके सो रही थी, रात करीब 01ः00 बजे उसके पड़ोस में रहने वाला संतोष उसके घर में घुस आया और बुरी नीयत से उसका सीना दबाने लगा, तो उसकी नींद खुली तो वह एकदम से चिल्लायी और घर से बाहर निकली, तो उसकी मां भी उठ गई और उसके पास आयी, उसने अपनी मां को उक्त घटना के बारे में बताया, इतने संतोष बोला कि अगर थाने में रिपोर्ट की तो जान से खतम कर दूंगा, इस कारण वह रिपोर्ट करने नहीं आयी थी। पीड़िता की उक्त षिकायत के आधार पर आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। उसके पुलिस कथन लेख किये गये तथा मजिस्टेªट न्यायालय में धारा 164 द.प्र.सं. के कथन लेख कराये गये एवं अन्य
साक्षियों के कथन लिये गये, पीड़िता की उम्र से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत प्राप्त किये गये। आवष्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय अनन्य विषेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध पाकर दंडित किया गया।
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