16 वर्षीय अनुसूचित जनजाति वर्ग की नाबालिग युवती का रास्ता रोककर छेड़छाड़ व मारपीट करने वाले आरोपीगण को 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया गया।
माननीय अनन्य विषेष न्यायालय, (पॉक्सो एक्ट) 2012 बैतूल (म.प्र.), ने 16 वर्षीय अनुसूचित जनजाति वर्ग की नाबालिग युवती का रास्ता रोककर छेड़छाड़ व मारपीट करने वाले आरोपी अलकेष पिता राजू यादव, उम्र-21 वर्ष, निवासी- ढोलियाढ़ाना कटकुही, थाना- चिचोली जिला बैतूल (म.प्र.) को दोषी पाते हुए, धारा 3(1)(ब)(प) एससी/एसटी एक्ट में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2,000रू. के जुर्माना, धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट समाहित धारा 354 भादवि, धारा 3(2)(अं) एससी/एसटी में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 4,000रू. जुर्माना, धारा 323 भादवि समाहित धारा 3(2)(अं) एससी/एसटी में 01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000रू. का जुर्माना, धारा 341 भादवि समाहित धारा 3(2)(अं) एससी/एसटी एक्ट में 01 माह का सश्रम कारावास एवं 500रू. जुर्माना, तथा आरोपी सोनू उर्फ अलकेष पिता गोकुल यादव, उम्र-21 वर्ष, निवासी- ग्राम केसिया, थाना-चिचोली जिला बैतूल (म.प्र.) व आरोपी पिंटू पिता नंद कुमार यादव, उम्र-21 वर्ष, निवासी-ढोलियाढ़ाना कटकुही, थाना-चिचोली जिला बैतूल (म.प्र.) को धारा 7/8 व 17 पॉक्सो एक्ट में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 4,000रू. के जुर्माने, धारा धारा 3(1)(ब)(प) एससी/एसटी एक्ट में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2,000रू. जुर्माना, धारा 323/34 भादवि समाहित धारा 3(2)(अं) एससी/एसटी एक्ट में 01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000रू. जुर्माना तथा धारा 341 भादवि समाहित धारा 3(2)(अं) एससी/एसटी एक्ट में 01 माह का सश्रम कारावास एवं 1,000रू. के जुर्माने से दण्डित किया गया। प्रकरण में म.प्र. षासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी श्री एस.पी.वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/अनन्य विषेष लोक अभियोजक श्री ओमप्रकाष सूर्यवंषी द्वारा पैरवी की गई।
घटना का विवरण इस प्रकार है कि पीड़िता के द्वारा आरक्षी केन्द्र चिचोली में इस आषय का लिखित षिकायती आवेदन प्रस्तुत किया कि वह कक्षा दसवीं में पढ़ती है, दिनांक 26-01-2020 को वह स्कूल सुबह अपनी सहेली के साथ स्कूल की छुट्टी हो जाने के बाद करीब 11-12 बजे घर जा रही थी, तभी रास्ते में उसे अलकेष यादव, सोनू यादव, पिंटू यादव मिले। पीडिता को रोककर पिंटू ने अलकेष से बात करने के लिए कहा, किंतु पीड़िता नहीं मानी और आगे अपनी सहेली के साथ जाने लगी, तभी अलकेष ने उसे पीठ पर एक थप्पड़ मारा और उसका सीधा हाथ पकड़कर उसे खींचा और उसके गाल पर किस किया, जब वह चिल्लाई तो फिर पिंटू और अलकेष बोले कि यह बात किसी को बतायी तो वह उसकी फोटो वीडियो फेसबुक पर डाल देगे, यह बात किसी को बताना मत हम तूझे पैसे दे देगे। पीड़िता की लिखित षिकायत के आधार पर आरोपीगण के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया, उसके पुलिस कथन लेख किये गये तथा मजिस्टेªट न्यायालय में धारा 164 द.प्र.सं. के कथन लेख कराये गये एवं अन्य साक्षियों के कथन लिये गये, पीड़िता की उम्र व जाति से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत प्राप्त किये गये। आवष्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय अनन्य विषेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण को दोषसिद्ध पाकर दंडित किया गया।
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