घटना स्थल सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया की शाखा घोड़ाडोगरी जिला बैतूल म0प्र04घटना का दिनांक व समय वर्ष 01.07.2018 से 30.07.2021 लगातार 5सूचना दिनांक व समय दिनांक 01.01.2022 शिकायत जाँच क्र. 413/22 6 सूचना प्राप्त होने का स्थान आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, कार्यालय भोपाल (म.प्र.) 7 देहाती नालसी लेख करने का दिनांक 14.12.2023 8 सूचनाकर्ता श्री हरिओम दीक्षित, निरीक्षक, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, इकाई, भोपाल (म.प्र.) 9 थाने से घटनास्थल की दिपा एवं दूरीलगभग 155 कि.मी. उत्तर पूर्व 10 नाम आरोपीगण 1. श्री पीयूष सैनी, पुत्र श्री राजेश सैनी, पूर्व शाखा प्रबंधक, सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया की शाखा घोड़ाडोंगरी जिला बैतूल म0प्र0 1 2. श्री दीपक सोलकी, पुत्र श्री स्व. शेवला सोलंकी, सहायक प्रबंधक, सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया की शाखा घोड़ाडोंगरी जिला बैतूल म0प्र0 3. श्री राजेश खासदेव पुत्र श्री मारोती राव खासदेव, हेड केशीयर, सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया की शाखा घोड़ाडोंगरी जिला बैतूल म0प्र0 4. श्री मनीष चौहान, पुत्र श्री हेमराज चौहान, एकल खिड़की परिचालक, सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया की शाखा घोड़ाडोंगरी जिला बैतूल म0प्र0 1 5. श्री दिलीप यादव, पुत्र श्री धत्रू यादव, बैंककरेस्पोंडेंट, सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया की शाखा घोड़ाडोंगरी जिला बैतूल म0प्र0 1 6 श्री रवि सील, पुत्र श्री धनराज सीलू, मकान नं. 324, वार्ड क्र.-23 संत रविदास कालोनी, पाथाखेड़ा जिला बैतूला 7. श्री विजय बत्राग्रे पुत्र श्री चिरोंजीलाल बत्रा, मकान नं. 23. संत रविदास बस्ति, पाथाखेड़ा जिला बैतूल। 8. श्री मनोज यादव, पुत्र श्री मनीराम यादव, ग्राम पाँडरा, तहसील- घोडाडोंगरी, जिला बेतूला 9 श्री उमेश यादव, पुत्र श्री मोहन यादव, ग्राम पाँडरा, तहसील- घोडाडोंगरी, जिला बैतूल। 10. श्री पूरब चौकीकर, पुत्र श्री प्रतापदास चौकीकर, 50 सरदार वल्लभ भाई पटेल, पाथाखेड़ा जिला बैतूला 11. श्री प्रमोद सरवण, पुत्र श्री हीरालाल सरवण्ण, सुभाष नगर पाथाखेडा, जिला बैतूला 12. श्रीमती रूजा यादव, पत्नी श्री दिलीप यादव, ग्राम- पाँडरा, तहसील- घोडाडोंगरी, जिला बैतूल। 13 श्री उमेश यादव, पुत्र श्री झोने यादव, 06 इटारसी रोड, भारत भारती आवसीय विद्यालय, जामठी, भारत भारती, जिला बैतूल। विवरण में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, इकाई भोपाल में निरीक्षक के पद पर पदस्थ हूँ। सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया की शाखा घोड़ाडोंगरी जिला बैतूल में माह जुलाई 2018 से माह 2021 के मध्य तत्कालीन शाखा प्रबंधक श्री पीयूष सोनी, सहायक प्रबंधक श्री दीपक सोलंकी, हेड केशीयर श्री राजेश खासदेव एवं एकल खिड़की परिचालक श्री मनीष चौहान द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करते हुयें आपस में आपराधिक षड़त्र करते हुयें, सेन्ट्रल किसान ऋण क्रेडिट कार्ड योजना में कुल 63,79,810/- एवं टर्म लोन खातों में 34,60, 176/- इस प्रकार कुल 98,39,986/- की अवैध निकासी कर अमानत में खयानत कर, बैंक के बहुमूल्य दस्तावेजों में छेड़छाड कर, फर्जी हस्ताक्षर एवं फर्जी हस्ताक्षरो को बैंक से नियम विरूद्ध निकासी के लिये उपयोग किया है, शिकायत जाँच क्र. 413/22 पंजीबद्ध की गई। उक्त शिकायत जाँच निरीक्षक श्री हरिओम द्वारा की गई। शिकायत जाँच में प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाया गया। जाँच में पाये गये तथ्य निम्नानुसार हैं:- 1. सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया की शाखा, घोड़ाडोंगरी में माह जून 2018 से जुलाई 2021 के मध्य शाखा प्रबंधक के पद पर श्री पीयूष सैनी, शाखा प्रबंधक के पद पर पदस्थ थे, श्री दीपक सोलंकी सहायक प्रबंधक के पद पर श्री राजेश खासदेव प्रधान खजांची (हेड केशियर), श्री मनीष चौहान, एकल खिडकी परिचालक (सिंगल विंडो आपरेटर) के पद पर कार्यरत थे। उक्त अवधि में शाखा घोड़ाडोंगरी में कुल 81 सेन्ट्रल किसान के रडिट कार्ड सीकेसीसी खातों में बगैर खाता धारकों के आवेदन किये ऋण खातों का नवीनीकरण किया गया एवं उन खातों में ऋण सीमा वृद्धि कर संपूर्ण राशि प्रीजनरेटेड चेक/वाउचर के माध्यम से खाता धारकों के फर्जी हस्ताक्षर एवं अगूठों के निशान का उपयोग कर उक्त खातों से निकाली गई। अधिकांश आहरण माह जुलाई 2021 में किये गयें हैं। 2. सेन्ट्रल बैंक इंडिया की शाखा घोड़ाडोंगरी में सेन्ट्रल किसान के रडिट कार्ड योजना (सीकेसीसी) के अंतर्गत शाखा में पूर्व से स्वीकृत किये गयें सी केसीसी ऋणों को नियमानुसार नवीनिकरण एवं ऋण सीमा वृद्धि की जाती है। आरोपियों द्वारा ऐसे खातो को चिन्हित किया गया जो कि काफी समय से बंद थें एव उनके खाताधारक बैंक में नहीं आ रहे थे। खाता धारकों द्वारा आवेदन न करने पर उनकी नवीनिकरण /ऋण सीमा वृद्धि की प्रक्रिया प्रारंभ की। शिकायत जांच में पाया गया की कुल 81 खातों में से 17 खाता धारक मृत हो चुके थें एवं शेष 64 खातों में खाता धारकों द्वारा ऋण सीमा वृद्धि
आवेदन करने से स्पष्ट इंकार किया, जिससे स्पष्ट है की अनावेदक बैंक अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा आपराधिक षडयंत्र करते हुए स्वतः ऋण सीमा वृद्धि की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। 3 सेन्ट्रल बैंक इंडिया की शाखा घोड़ाडोंगरी की शाखा द्वारा माह जुलाई 2021 में सेन्ट्रल किसान क्रेडिट कार्ड (सीकेसीसी) योजना अंतर्गत खाता धारकों के ऋण खातों की सीमा वृद्धि (लिमिट इन्हांसमेंट) सबंधी स्वीकृति आरएसी / सीपैक शाखा से नहीं लिये गये थे। सेन्ट्रल किसान क्रेडिट कार्ड योजना अंतर्गत नवीन स्वीकृत ऋणों का अनुमोदन ऋण सीमा वृद्धि सबंधी स्वीकृति शाखा प्रबंधक से प्राप्त नहीं की गई थी एवं शाखा में सीकेसीसी ऋणों के वितरण (डिसवर्समेंट) आदेश की स्वीकृति शाखा प्रबंधक से नहीं ली गई थी। 4. सेन्ट्रल बैंक इंडिया की शाखा घोड़ाडोंगरी में पदस्थ शाखा प्रबंधक, श्री पीयूष सैनी, सहायक शाखा प्रबंधक, श्री दीपक सोलंकी एवं हेड केशियर राजेश खासदेव द्वाराऋण सीमा वृद्धि कर ऋण राशि की निकासी हेतु चैकों का इस्तेमाल बैंक वाउचर एवं आहरण पर्ची की तरह किया गया है तथा उक्त चेंको को सी.बी.एस. (सेन्ट्रल बैंकिंग सिस्टम) में दर्ज नहीं कराया गया है, श्री दीपक सोलंकी, सहायक प्रबंधक द्वारा शाखा द्वारा ग्राहकों को प्रदाय किये जाने वाले शाखा में उपलब्ध चेक बुक (प्रीजनरेटेड) जिनमें खातो धारक का नाम एवं खाता क्रमांक अंकित नहीं होता है, को जारी करते समय बैंक के सीबीएस सिस्टम में दर्ज नहीं किया गया था एवं बिना दर्ज किये उपयोग कर खाता धारको के नाम से आहरण करना पाया गया, जबकि उक्त चेक बुक खाता धारकों को जारी ही नहीं किये गये थे। 5. सेन्ट्रल बैंक इंडिया की शाखा घोड़ाडोंगरी पदस्थ शाखा प्रबंधक, श्री पीयूष सैनी, सहायक शाखा प्रबंधक, श्री दीपक सोलंकी एवं हेड केशियर राजेश खासदेव द्वारा कुछ खातों में आहरण चेक में अंगूठे के निशान का उपयोग कर किया गया था, जबकि बैंक कार्य प्रणाली में चेक पर हस्ताक्षर किये जाते है, जिन चेकों पर अगूठों के निशान लगायें गये थे, न तो उक्त अंगूठे के निशान को उक्त अधिकारियों द्वारा सत्यापित नहीं किया गया एवं ना ही बैंक से सीबीएस सिस्टम में दर्ज किया गया। माह जुलाई 2021 में लगभग 68 लोन खातों में लिमिट बढा कर उसी दिनाक को लोन खातें में राशि क्रेडिट कर उसी दिन निकासी कर ली गई एवं चेक पर जो विवरण दर्ज किये गये है एवं अधिकांश खातों में मोबाईल नं. 9893098930 को सीबीएस सिस्टम में दर्ज किया गया, जो कि खाता धारकों से संबंधित नहीं है। 6. सेन्ट्रल बैंक इंडिया की शाखा घोड़ाडोंगरी के खाता धारकों के हस्ताक्षर के नमूने बैंक सीबीएस सिस्टम पर दर्ज नहीं किये गये थे। खाता धारकों के आहरण पर्ची (विथड्रावल फार्म ) / चेक पर लिये गये हस्ताक्षर बैंक सीबीएस सिस्टम पर दर्ज नमूना हस्ताक्षर से भिन्न पायें गयें। प्रधान खजांची (हेड केशयर) द्वारा आहरण करते समय चेक से किये गये आहरण को सिस्टम में चेक पर पंजीकृत न कर वाउचर से पंजीकृत किया था जोकि गलत प्रक्रिया हैं क्योंकि यदि हेड केशीयर द्वारा आहरण करते समय चेक से पंजीकृत किया जाता तो यह तथ्य प्रकाश में आ जाता की जिन चेंको से आहरण किया जा रहा है, वह सिस्टम पर दर्ज नहीं है। 7. सेन्ट्रल बैंक इंडिया की शाखा घोड़ाडोंगरी सीकेसीसी योजना अंतर्गत जिन कृषकों के खातें में ऋण सीमा वृद्धि की गई थी उनमें से 17 कृषक ऋण सीमा वृद्धि के आवेदन के काफी पूर्व मृत हो चूके थे एवं बैंक शाखा घोड़ाडोंगरी के अनावेदकों द्वारा बिना किसी आवेदन के मृत खाता धारको के नाम पर ऋण सीमा वृद्धि कर ऋण राशि आहरित कर स्वंय निकासी की गई है, जिनका विवरण निम्नानुसार है। क्रं. नामगांव का नामलोन स्वीकृति दिनांकखाता धारक की मृत्यु दिनांक 1. शुभदा सड़कवाड़ा 21.11.2020 20.04.2020 2. श्री नंदरू पिता श्री दसरा फूलगोहन 11.05.2021 01.12.2009 3. श्री चतन पिता श्री जबर सिह घुग्गी चो 06.03.202119.06.2022 4. श्री हनु जी गोंड जुवादी 25.06.2021 14.12.2013 5. श्री रामू पिता श्री विष्णु घड़गांव 15.06.2021 15.01.2022 6. श्री राजाराम रामेशराजारा पिपरी 17.03.202118.09.2009 7. श्री भजन सवाई गोली वीपि सलैया 21.06.2021 30.05.2018 8. मंगालू सिवनपथ 15.02.2021 30.08.2018 9. श्री लक्ष्मण उईके डीईओ फूलगोहन 14.06.2021 01.11.2020 10. श्री लक्ष्मण यादव माता श्री सीता सिवनपथ 07.12.202103.12.2018 11. श्री बाजू पिता श्री जहान्नू धागाई 07.09.202118.10.2015 12. श्री रामसिंह सुक्कू दुधवनी 07.01.202115.03.2014 13. श्री प्रेमलाल मवासें चुईया बन्सपुर 15.07.2021 04.03.2011 14. श्री बघू गोड पिता श्री मोती कोईलारी 07.16.2021 18.10.2015 15. श्री तुलसीराम पिता श्री कन्नूलाल छोरदान07.08.2021
2013 16. श्री सूरतलाल अर्से 07.16.2021 21.08.2020 17. श्रीमती सूब्बों बाई गोंड जाजलपुर 15.02.2021 12.06.2021
8. इस प्रकार कुल 17 खातों में मृत खाता धारक एवं शेष 64 खातों में बिना खाता धारक के आवेदन किये, फर्जी हस्ताक्षर एवं गलत निकासी प्रक्रिया से सीकेसीसी ऋण खातों में 63,79,810/- की अवैध निकासी की गई। उक्त अवैद्य ऋण राशन की निकासी प्रक्रिया में तत्कालीन शाखा प्रबंधक श्री पीयूष सैनी, सहायक प्रबंधक श्री दीपक सोंलकी, प्रधान खजांची, श्री राजेश खासदेव, श्री मनीश चौहान, एसडब्लयूओ की संलिप्तता थी, शाखा प्रबंधक श्री पीयूष सैनी द्वारा मृत खाता धारक नन्दु दसरा के नगद निकासी में वाउचर का प्रमाणीकरण किया गया एवं एक अन्य खाता चन्द्रसा बातू का था, को भी प्रमाणीकरण किया गया है, जिसमें खाता धारक अगूठे का प्रयोग करता है जब की उसके फर्जी हस्ताक्षरों का प्रमाणीकरण किया गया है। इसके अतिरिक्त लगभग समस्त खातों का प्रमाणीकरण श्री दीपक सोलंकी द्वारा किया गया, प्रधान खजांची श्री राजेश खासदेव द्वारा बिना खाता धारकों की पहचान कियें, नगद निकासी प्रदान की एवं एसडब्ल्यूओ श्री मनीश चौहान द्वारा लगभग सभी सीमा वृद्धि का प्रमाणीकरण किया गया।
9. उक्त शाखा में सीकेसीसी योजना के अतिरिक्त कुल 9 टर्म लोन खातों में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत नियम विरूद्ध ऋण स्वीकृत कर ऋणराशनि का दुरूपयोग किया गया है। ऋण स्वीकृत एवं वितरण के पश्चात आवेदकों के पास यूनिट नहीं पायी गयी। जबकि टर्म लोन में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अंतर्गत विशेष प्रयोजन हेतु ऋण प्रदान किया जाता है व बैंक अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा प्री-इन्सपेक्षन / पोस्ट इंस्पेक्षन भी किया जाता है।
10. सेन्ट्रल बैंक इंडिया की शाखा घोड़ाडोंगरीके खाता धारकश्री रवि सीलू पुत्र श्री धनराज सीलू श्री विजय वन्नाग्रह पुत्र श्री चिरोंजीलाल बत्रा, श्री मनोज यादव पुत्र श्री मनीराम यादव, उमेश यादव पुत्र श्री मोहन यादव, श्री पूरव चौकीकर पुत्र श्री प्रतापदास चौकीकर श्री उमेश यादव पिता श्री झोने यादव, श्री प्रमोद सरवन पुत्र श्री हीरालाल सरवन, श्रीमती रूजा यादव पत्नी दिलीप यादवद्वारा आपस में आपराधिक षड़यंत्र करते हुए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत, बिना व्यवसाय शुरू किए, जिस उद्देश्य के लिये ऋण दिया गया था, वह व्यवसाय प्रारंभ नहीं किया। उक्त ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया अनुसार बैंक अधिकारियों को ऋण स्वीकृत करने के पूर्व एवं पश्चात मे स्थल निरीक्षण किया जाना आवश्यक था, लेकिन बैंक अधिकारियों ने बिना निरीक्षण के ऋण राश िखाता धारक को आहरित कर दी, क्योंकि मौके पर उक्त व्यवसाय प्रारंभ ही नहीं किए गए थे।
11. सेन्ट्रल बैंक इंडिया की शाखा घोड़ाडोंगरीकी खाता धारिका श्रीमती रूजा यादव पत्नी दिलीप यादवद्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अंतर्गत आरओ वाटर प्लांट हेतु 2.90 लाख, 01 लाख एवं 07 लाख का लोन दिया गया था, उक्त रूजा यादनव बैंक में कार्यरत बिजनेस करस्पोंडेट दिलीप यादव की पत्नी थी, उक्त तीनों ऋण वॉटर प्यूरीफाई प्लांट स्थापित करने हेतु लिये गये थे एवं नियम विरूद्ध बगैर बैंक ऋण चुकायें एवं बिना अनुमति के विक्रय कर दिये गये। उक्त ऋणों में से 01 लाख रूपये की राशन यूनिट विक्रय होने के बाद की गई, जिससे स्पष्ट है की उक्त ऋणों की स्वीकृति एवं भुगतान में बैंक अधिकारियों की संलिप्तता थी, जिससे बैंक को 34,60, 176/- रूपये की क्षति कारित हुई। दिलीप यादव जो की बैंक करेस्पोंडेंट था, के द्वारा उक्त ऋण में बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर ऋण राशन की अवैध निकासी की गई।
12. सेन्ट्रल बैंक इंडिया की शाखा घोड़ाडोंगरीके तत्कालीन शाखा प्रबंधक श्री पीयूष सैनी के स्वयं के बचत खाता क्र. 3689902764 में 11.07.2018 से 25.07.2021 तक कुल 89.14 लाख रूपये जमा किये गयें जो की एक अनियमित संव्यवहार है। श्री दीपक सोलंकी के बचत खाता क्रमाक 32700079471 में खाता
धारक श्रीमती रूजा यादव द्वारा 1 लाख रूपयें दिनांक 23.09.2020 को चेक के माध्यम से जमा किये गये। जबकि उक्त खाता धारक को टर्म लोन स्वीकृत किया गया, इसी प्रकार उक्त श्री दीपक सोलंकी के खातों में अन्य खाता धारकों द्वारा भी पैसें जमा किये है। इसी प्रकार हेड केशीयर राजेश खासदेव के ओडी बैंक खातें मे दिनांक 11.07.2021 से 25.07.2021 के मध्य 13 बार में कुल 3.91 लाख रूपयें जमा किये। श्री पीयूष सैनी एवं श्री दीपक सोलंकी के बैंक खातों में बिजनेंस करस्पोंडेंट श्री दिलीप यादव द्वारा राषि जमा की गई है।
अतः उपरोक्त तथ्यों के आधार पर आरोपीगण श्री पीयूष सैनी, तत्कालीन शाखा प्रबंधक, श्री दीपक सोलंकी, सहायक प्रबंधक, श्री राजेश खासदेव, हेड केशीयर, श्री मनीश चौहान, एकल खिड़की परिचालक, श्री दिलीप यादव, बैंककरेस्पोंडेट, श्री रवि सीलू, श्री विजय बत्रा, श्री मनोज यादव, श्री उमेश यादव, श्री पूरब चौकीकर, श्री प्रमोद सरवण, श्रीमती रूजा यादव, श्री उमेश यादव, के द्वारा आपस में आपराधिक षड़यंत्र करते हुयें, कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर सेन्ट्रल किसान ऋण के रडिट कार्ड योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अंतर्गत खोले गए ऋण खातों सेछल पूर्वक अवैद्य निकासी कर अमानत में खयानत कर, बैंक के बहुमूल्य दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर, फर्जी हस्ताक्षर एवं फर्जी हस्ताक्षरो को बैंक से नियम विरूद्ध निकासी के लिये उपयोग किया जिससे इनके द्वारा प्रथम दृष्टया धारा-471, 468, 467, 420, 409, 120 भा. द.वि. तथा 13 (1ए), 13(1)बी सहपठित 13 (2) भ्र.नि.अ. का अपराध घटित किया जाना पाया गया। 14/12/2023 धारा 471, 468, 467, 420, 409, 120 भा.द.वि. तथा 13(1ए), 13(1)बी सहपठित 13 (2) भ्र.नि. अ. का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।







