भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत ने अपहरण किये गये माल्टा के जहाज एमवी रूएन को रोका
भारतीय नौसेना ने अरब सागर में जहाज एमवी रूएन के अपहरण से जुड़ी घटना पर जवाबी कार्रवाई की है। रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि जहाज में चालक दल के 18 सदस्य थे और उन्होंने बृहस्पतिवार को एक संदेश भेजा था, जिसमें छह अज्ञात लोगों के जहाज में सवार होने के बारे में जानकारी दी गई थी।
भारतीय नौसेना ने इस घटना पर जवाबी कार्रवाई करते हुए इस क्षेत्र में निगरानी करने वाले अपने समुद्री गश्ती विमान और एमवी रूएन का पता लगाने तथा उसकी सहायता करने के लिए अदन की खाड़ी में एंटी पाइरेसी गश्ती पर तैनात अपने युद्धपोत को भेज दिया। विमान ने कल सुबह अपहृत जहाज के ऊपर से उड़ान भरी और वह जहाज की गतिविधि पर लगातार नजर रखे हुए है जो सोमालिया के तट की ओर बढ़ रहा है।
एंटी पायरेसी गश्त के लिए अदन की खाड़ी में तैनात भारतीय नौसेना के युद्धपोत ने आज सुबह एमवी रूएन को रोक लिया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में अन्य एजेंसियों के साथ तालमेल करते हुए स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। भारतीय नौसेना, अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और मित्र देशों के साथ मिलकर इस क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई करने और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।







