पिपरी पुण्य सलिला मैया नर्मदा के धारा जी घाट के सामने वाले तट पर लगभग 20 वर्षों से रह रहे प्रकृति प्रेमी परोपकारी संत बंगाली बाबा ब्रह्मलीन हो गए उनके देवलोक गमन की खबर सुनकर उनके अनुयायियों में मायूसी छा गई आप लगभग 1 वर्ष से अस्वस्थ रहते थे बीमार होते हुए भी आपने कभी भी सेवा का कार्य नहीं छोड़ा आप हमेशा आश्रम पर आने वाले भक्तों परिक्रमा वासियों संतों की सेवा करते रहे आश्रम के सामने ही मैया नर्मदा के तट पर आपका दाह संस्कार किया
गया रेवा कुंड के संत मोहनदास जी त्यागी एवं अनुयाई भक्त पंडित ओम प्रकाश शर्मा सोमेश उपाध्याय अभय बडोला कावड़ यात्रा प्रमुख गिरधर गुप्ता चंद्रप्रकाश जैन देवा जी पटेल रुपेश जायसवाल आशीष भाटी महेश जामले गोपाल जामले सहित धारा जी बागली उदय नगर पिपरी एवं खंडवा पुनासा
बिड मुदि के सैकड़ो भक्त शामिल हुए सभी ने संत श्री के चरणों में नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की एवं पुष्प अर्पित किए इस मौके पर क्षेत्र के साधु संत भी मौजूद रहे।







