पुलिस में भी मानवता है ………..

नरेंद्र मालाकार

खण्डवा/ पुलिस, विभाग और उनकी कार्यशैली को लेकर लोगों में यह धारणा बनी होती है, कि वह केवल अपराधियों पर ठोस कार्रवाई के साथ-साथ बड़े ही कठोर दिल और सक्त मिजाज के होते हैं,, लेकिन ऐसा नहीं है, पुलिस वालों का भी दिल होता है, उनमें भी मानव सेवा करने की चाह होती है,, वह भी देश सेवा के साथ-साथ मानव सेवा भी करना जानते हैं ,,ऐसा ही नजरिया बीती रात पीपलोद थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र सिंह मंडलोई एवं उनकी टीम का देखने को मिला,,, उन्होंने देखा कि बलवाड़ा और सिंगोट के बीच रात्रि में कोई बुजुर्ग रोड किनारे बैठा हुआ है, उन्होंने गाड़ी रोककर बुजुर्ग से बातचीत कर ग्राम सिंगोट के अजय चन्द्रे ,पूनमचंद बोरकर

,,चेतन पिल्ले,, ऋतिक पांचाल,,आदि की मदद से उन्हें भोजन कराया गया,, और रात में सोने की व्यवस्था की गई।। बुजुर्ग ने बताया कि वह ग्राम सुकवा ,सुकवी का रहने वाला है,,परिवार में उसकी एक लड़की है,जिसके पास वह रहता था,,दामाद द्वारा मारपीट कर घर से निकल दिया,,प्रधान आरक्षक धर्मेंद्रे सिंह मंडलोई के साथ आरक्षक आकाश बावने और पायलट सरफराज आदि मौजूद रहे।।

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