म. प्र. की राजनीति का केन्द्र बिन्दू बना ” छिन्दवाड़ा’ : कमलनाथ को छिंदवाड़ा में घेरने में भाजपा ने झोंकी ताकत
परासिया:- म. प्र. का जिला छिन्दवाड़ा प्रदेश का केन्द्र बिन्दू बन गया है। विधान सभा चुनावो के शनै-शनैः नजदीक आते आते जिले मै राजनैतिक गति विधिया तीव्र हो गई है। जिले मैं लगातार सभी दलों द्वारा जहाँ राजनैतिक कार्यक्रम तो कही धार्मिक आयोजनो से भी वतावरण तैयार किया जा रहा है। कहा जाता है कि जिले कि वेव का असर पूरे प्रदेश में देखा जाता है। इसलिए मुख्य रूप से दोनो ही दल कांग्रेस एवं भाजपा अपने पक्ष में माहौल बनाने यहा पुरेजार कोशिशो में लगे हुए है। जिससे जिला प्रदेश की राजनीति का केन्द्र बिन्दू बन गया है।
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धर्म भक्ति के अलावा राजनीति परिवेश से सभी की निगाहे इस वक्त छिन्दवाड़ा में टिकी हुई है। यहा लगातार बड़े धार्मिक आयोजनों के अलावा दिग्गज पार्टी नेताओ की सक्रियता से जिला सुर्खियों में बना हुआ है। गत कुछ माहो में केन्द्रीय ग्रहमंत्री अमितशाह के अलावा कैलाश विजय वर्गीय, प्रहलाद पटेल आदि दिग्गज नेताओं ने यहा दस्तक देकर भाजपा कार्यकर्त्ताओं में जोश भरा है। वही कांग्रेस से एक मात्र नेता पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी लगातार सक्रिय रहकर पार्टी की जड़े मजबूत करने में लगे है। अगामी समय में भी दोनो ही दलो द्वारा
विशाल धार्मिक आयोजनों की तैयारिया की जा रही है वही दिग्गज नेताओं का मोर्चा सम्मालना भी यह दर्शाता है कि छिन्दवाड़ा प्रदेश की राजनीति का केन्द्र बिन्दू बन गया है। यहा का तैयार माहौल पूरे प्रदेश में सन्देश देता है कि सरकार किस दल की बनेगी । अगामी समय में अचार संहिता लागू होना है इसके पूर्व मुख्य दलों द्वारा अनेकों आयोजनों को कराकर अपने पक्ष वातावरण बनाने की तैयारिया की जा रही है। अन्य तीसरे दलो में मुख्य रूप से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, बहुजन समाज पार्टी एवं आम आदमी पार्टी के नेताओ ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा रखी है। हंलाकि कांग्रेस-भाजपा के अलावा तीसरे दल की भूमिका विधान सभा चुनावों में यहा प्रभावी दिखाई नही
पड़ती, वर्तमान में जिले की सातो सीटो पर कांग्रेस का कब्जा है। कमलनाथ के किले को भेदने भाजपा पुरजोर ताकत के साथ मैदान में दिखाई तो देती है। किन्तु प्रत्यार्शी चयन एवं पार्टी की अन्तर कलह भाजपा के लिए सिरदर्द बन सकता है। भाजपा कांग्रेस दोनों ही दलों में यदा-कदा आपसी गुटवाजी भी दिखाई देती रही है। इसको लेकर भी दोनों ही दलो द्वारा संगठनात्मक रूप से कार्य किये जा रहे है। छिन्दवाड़ा से तैयार वातावरण प्रदेश के लिए ऊर्जा का काम करेगा इसको लेकर पूरी ताकत लगाने दोनो दल अपनी-अपनी रणनीति पर कार्य कर रहे है। गोड़वाना गणतंत्र पार्टी एवं बहुजन समाज पार्टी जिले में अपनी उपस्थिति तो रखती है। किन्तु इनका असर प्रभावशाली दिखाई नही पड़ता ।
कांग्रेस से आगे भाजपा:- भाजपा ने प्रदेश की 39 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जिसमें जिले की सौसर एवं पादूरना सीटो से नाना भाऊ मोहोड़ एवं प्रकाश उइके को प्रत्याशी घोषित कर कांग्रेस से आगे तो भाजपा निकल गई वही कांग्रेस में वर्तमान समय तक प्रत्याशी चयन को लेकर लगातार रायशुमारी जारी है। हलांकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ का कहना है कि उनके द्वारा पूर्व से ही संभावित प्रत्याशियों को संकेत दे दिये गये है, समय आने पर नामों की घोषणा भी कर दी जायेगी। दोनो ही दलो में आंतरिक कलह को दवाए रखना तथा नेताओं एवं कार्यकर्त्ताओं में सामन्जंस स्थापित करना तेहड़ी खीर साबित होगा ।
गढ़ बचाए रखना होगा चुनौती पूर्ण:- वर्तमान में जिले की सातो सीटो पर कांग्रेस का कब्जा है, अपने गढ़ को बचाए रखना कांग्रेस के लिए बहुत चुनौती पूर्ण होगा गढ़ को भेदने भाजपा पुरानी कमजोरियों को दूर कर जमीनी स्तर पर मजबूती से रणनीति अनुसार कार्य कर रही है, सगठन, कार्यकर्त्ताओं में जोश भरने के अलावा मेरा ब्थ- सबसे मजबूत, बूथ स्तर की समीक्षा, पन्ना प्रभारियो की नियुक्तिया के साथ आगे बड़ रही है, तो कांग्रेस के कार्यक्रम भी जारी हैं, प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों का विगुल बड़े धार्मिक आयोजनो के साथ फूंका जा चुका है समय नजदीक आते आते सरगर्मिया और तेज होगी जिले से बना वातावरण प्रदेश के होने वाले चुनावो पर असर डालेगा जिला प्रदेश का केन्द्र बिन्दू बन गया है।
लेखक : मनोज्ञ गढ़वाल स्वतंत्र पत्रकार है। यह लेख उनके निजी विचार है।







