सबसे बड़ी बोल बम कावड़ यात्रा देख रह गया हर कोई दंग

पीपरी– मालवांचल की सबसे बड़ी बोल बम कावड़ यात्रा, मैया नर्मदा के धाराजी घाट से 8 अगस्त मंगलवार को मैया नर्मदा के धाराजी घाट से जल भरकर पूजा अर्चना कर आरती कर प्रातः 11:00 बजे प्रारंभ होगी जो 15 अगस्त मंगलवार को भगवान महाकाल उज्जैन का जलाभिषेक कर यात्रा पूर्ण होगी यात्रा। यात्रा में हिस्सा लेने के लिए यात्रियों को 8 अगस्त मंगलवार को सुबह 9 बजे तक धाराजी पहुंचना होगा।

*यात्रा के उद्देश्य*
कावड़ यात्री तब अपने कावड़ में मां नर्मदा का जल भरते है तो मन में प्रण लेते हे की पर्यावरण कि रक्षा करेंगे,जगह जगह पौधे लगायेगे , बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,धार्मिक समरसता , जल है तो कल है, व नशा मुक्ति के उद्देश के साथ यात्रा निकाली जाती है।
*यात्रा के पड़ाव*
8 अगस्त मंगलवार धाराजी से जल भरकर यात्री चलेंगे तो रात्रि विश्राम पीपरी में रहेगा।
9 अगस्त बुधवार को किशनगढ़, रातातलाई होते हुवे यात्रा पुंजापुरा में रात्रि विश्राम करेंगे।
10 अगस्त गुरुवार को बरझाईं घाट का सौंदर्य निहारते हुवे यात्रा बागली हो कर चापड़ा में रात्रि विश्राम रहेगा।
11 अगस्त शुक्रवार को चापड़ा से हाटपिपलीया , नेवरी होते हुवे बरोठा में रात्रि विश्राम रहेगा।

12 अगस्त शनिवार को बरोठा से सिरोलिया,राजोदा होते हुवे देवास यात्रा रुकेगी। 13 अगस्त रविवार को मां चामुंडा की नगरी देवास से यात्रा इटावा होते हुवे नरवर पंहुचेगी रात्रि विश्राम नरवर में रहेगा।
14 अगस्त सोमवार को प्रातः नरवर से प्रस्थान कर यात्रा महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंचेगी रात्रि विश्राम उज्जैन में रहेगा ।
15 अगस्त को प्रातः बाबा का जलाभिषेक कर यात्रा पूर्ण होगी। *यात्रा द्वारा किए गए कार्य* प्रत्येक यात्री से सहयोग राशि ली जाती है जिससे अभी तक धाराजी में धर्मशाला,पीपरी में मंदिर व हाल निर्माण टीन शेड निर्माण अन्न क्षेत्र में सहयोग ,पूंजापुरा में हाल निर्माण, चापड़ा में धर्मशाला निर्माण में सहयोग,बरोठा चामुंडा माता मंदिर में टीन शेड,बोरखेड़ा में धर्मशाला में सहयोग,नरवर में धर्मशाला में सहयोग, चंद्रकेशर गोशाला में

सहयोग राशी,उत्तराखंड आपदा में सहयोग राशी व अन्य धार्मिक सामाजिक कार्य यात्रा के माध्यम से किए जा चुके है। *लोग जुड़ते गए कारवां बढ़ता गया* यात्रा की जब 1997 में शुरुआत हुई थी तो यात्रा में मात्र 50 यात्री शामिल थे , फिर धीरे-धीरे यात्रा आगे बढ़ती गई और लोग बढ़ते गए 50 से 100 हुए, 100 से 200, 200 से 400, 400 से अब यात्री 1100 तक पहुंच चुके हैं।

*यात्राओं की तैयारी* यात्रा में आने के लिए यात्री इतने उत्सुक होते है के आठ दस दिन पहले से ही तयारी में जुट जाते है,देवास से अखिलेश जाधव के 50 साथी तयारी में जुट गए है अलग अलग तरह की कावड़ सजाई जा रही है,आदिवासी बाहुल्य पानकुवा के संतोष निगम अपने 30 साथियों के साथ यात्रा में आने के लिए तैयारी कर रहे है,क्षिप्रा के कन्हैया पटेल भी अपने साथियों के साथ आने को आतुर है, डकाच्चया के पोपसिह यादव भी साथियों के साथ यात्रा में हिस्सा लेंगे इस तरह अलग अलग गांवों के यात्री यात्रा की तैयारी में जुट गए है।
यात्रा संयोजक गिरधर गुप्ता प्रदीप मेहता ,दीपक पंडित,

आलोक पायलेट ने बताया कि यात्रा का यह 27 वा वर्ष है यात्रा में मालवा एवं निमाड़ क्षेत्र के 50 से अधिक गांव के लगभग 1100 के लगभग कावड़ यात्री शामिल होने की संभावना है । यात्रा में पूजन पाठ आरती मंत्रोचार के साथ प्रति दिन पूजन पाठ पंडित दीपक विवेक शास्त्री द्वारा संपन्न कराये जायेंगे । कोरोना काल में भी यात्रा सांकेतिक रूप में निकाली गई थी। इस यात्रा को लेकर स्वागत सत्कार में भी श्रद्धालु वर्ष भर इस यात्रा का इंतजार करते है जगह जगह अलग अलग तरह से यात्रियों की सेवा सत्कार की तैयारी श्रद्धालु कर रहे है।